कौन हैं ऑनलाइन जुए की लत लगाने वाले

नवभारतटाइम्स.कॉम
online gambling addiction how it became a multi billion dollar industry and who is behind it
मृत्युंजय राय

‘Imitation Games’ डारा मैकगी की लिखी किताब है, जिसमें बताया गया है कि डिजिटल स्पोर्ट्स गैंबलिंग किस तरह से अरबों डॉलर की इंडस्ट्री बन चुकी है। मैकगी लिखते हैं कि ऑनलाइन स्पोर्ट्स गैंबलिंग करने वाले कम ही लोग फायदे में रहते हैं क्योंकि उनका मुकाबला दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन गेमिंग समूहों के एल्गोरिदम से होता है।
वह लिखते हैं कि ब्रिटेन में लेबर पार्टी की टोनी ब्लेयर सरकार के दौर से इस इंडस्ट्री ने शुरुआत की। तब लोगों के जीवन में इंटरनेट दाखिल हो चुका था। इसकी ग्रोथ में ब्रिटिश सरकारों की नीतियों की भी भूमिका रही। सरकार ने गैंबलिंग इंडस्ट्री पर सख्ती घटाई। पहले जहां इस पर गृह मंत्रालय नजर रखता था, वहीं बाद में इसकी निगरानी संस्कृति, मीडिया और स्पोर्ट्स (DCMS) डिपार्टमेंट को सौंप दी गई।

मैकगी लिखते हैं कि जब गृह मंत्रालय इस उद्योग पर नजर रखता था, तब इसे अपराध का संभावित जरिया माना जाता था। खैर, वह बताते हैं कि तब से स्पोर्ट्स और गैंबलिंग का रेग्युलेशन एक ही विभाग के जिम्मे आ गया। उन्होंने 2003 में इस विभाग की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया है। इसमें लिखा था, ‘हम (सरकार) चाहते हैं कि ब्रिटेन दुनिया में ऑनलाइन गैंबलिंग में सबसे आगे निकले।’ इसमें 2005 में गैंबलिंग कानून के पास होने का भी अहम योगदान रहा।

मैकगी लिखते हैं कि एक तरफ जहां सरकारी नीतियों की वजह से ब्रिटेन में ऑनलाइन गैंबलिंग को बढ़ावा मिल रहा था तो दूसरी तरफ इसमें इंग्लिश प्रीमियर लीग (EPL) की ग्रोथ ने भी बड़ी भूमिका निभाई। यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रफेशनल स्पोर्ट्स लीग बन चुकी थी। 2004-05 में इस लीग की आमदनी सवा अरब पौंड थी, जो अब 20 गुना बढ़ चुकी है। EPL की लोकप्रियता दुनिया भर में बढ़ने से भी ऑनलाइन गैंबलिंग का बाजार बढ़ा। किताब में बताया गया है कि अक्सर इन मैचों के दर्शकों को लगता है कि उन्हें फुटबॉल की समझ है और इस आधार पर वे ऑनलाइन बेट लगाकर पैसा कमाना चाहते हैं।

मैकगी ने किताब में एक प्रफेशनल स्पोर्ट्स गैंबलर के बारे में भी बताया है। ये वो लोग हैं, जिन्हें जुआ खेलने की लत नहीं होती। ये खेल के बारे में समझ का इस्तेमाल ऑनलाइन जुए से पैसा बनाने के लिए करते हैं। हालांकि, ऐसे पेशेवर जुआरी तुलनात्मक रूप से कम लोकप्रिय लीगों में होने वाले खेल पर दांव लगाते हैं। मैकगी ने यह भी बताया है कि स्पोर्ट्स गैंबलर्स को ऑनलाइन गैंबलिंग कंपनियों ने ऑनलाइन कसीनो गेम्स की ओर भी ले जाने की कोशिश की। जब इसका विरोध हुआ कि इनकी वजह से खेल प्रशंसकों को जुए की लत लग रही है तो इन्होंने पीड़ितों को ही दोषी ठहरा डाला। असल में, इन कंपनियों से स्पॉन्सरशिप के रूप में फुटबॉल क्लबों को भारी-भरकम रकम मिलती है। इस वजह से भी इस पर सख्ती से बचा गया। इस बीच, इन कंपनियों ने लोगों के बढ़ते गुस्से को देखते हुए ‘सुरक्षित गैंबलिंग’ का प्रस्ताव रखा। वहीं, इसके दुष्प्रभावों को लेकर इन कंपनियों के खिलाफ अभियान चला रहे लोगों का कहना था कि गैंबलिंग फुटबॉल मार्केटिंग पर पूरी तरह से रोक लगनी चाहिए।

मैकगी लिखते हैं कि एक समय ब्रिटिश सरकार ने ऑनलाइन गैंबलिंग में दुनिया में सबसे आगे निकलने का जो ख्वाब देखा था, वह पूरा हो गया। और यह मर्ज एशिया, अमेरिका और अफ्रीका के देशों में भी फैला। मैकगी ने फुटबॉल में ऑनलाइन गैंबलिंग की इस समस्या को खत्म करने के तरीके का भी किताब में जिक्र किया है।