Swimming In The Rain An Experience Of Mischief And Peace With Nature
लकीरों को तोड़ना है बारिश में तैराकी
नवभारतटाइम्स.कॉम•
मशहूर कवि John Keats बारिश को ऐसा दोस्त मानते थे, जिसके साथ रहकर सुकून मिलता है। और चार्ली चैप्लिन को इस 'दोस्त' का साथ इसलिए पसंद था, क्योंकि पानी में कोई उनके आंसू नहीं पढ़ पाता। जब यही बूंदें जमा होती हैं, कोई आकार लेती हैं और उसमें तैराकी का मौका मिलता है, तो ऐसी कला रची जाती है, जिस पर गुरुत्वाकर्षण का बंधन भी कमजोर पड़ जाता है। अगर इन दोनों अनुभवों को एक करने का मौका मिले तो!
बारिश में तैरने का एक अलग ही आनंद है। ऐसा लगता है जैसे आप प्रकृति के साथ मिलकर कोई शरारत कर रहे हों। स्विमिंग पूल चलता है नियम-कायदों में बंधकर, पर बारिश तो बेलगाम है। और उसका साथ पाकर पूल भी बहक जाता है। उसके भीतर का विद्रोह सतह पर आने लगता है लहर बनकर। ऐसा लगता है कि उसे दायरा तोड़ निकलना है, जाना है बाहर बह रहे पानी संग। और उसकी इस चाहत में ऊर्जा मिली होती है आपकी भी।बारिश में पूल बातें करता है, संगीत बनाता है। छोटी बूंदें जब नीचे आ टकराती हैं, तो उठने वाली खनक ढक लेती है पूरे माहौल को। इसमें तैरने का अनुभव थोड़ा अजीब भी है और खूबसूरत भी। बारिश पहले ही भिगो चुकी है, पर पूल अब भी ठंडा लगता है। और अगर पूल ने पहले से शरीर तर कर रखा है, तब भी लगता है कि बारिश और भिगो रही है। दोनों के पानी को अलग करना संभव नहीं, पर उनका एहसास बिल्कुल अलग-सा होता है। पूल हमें बुलाता है, जबकि बारिश खुद दौड़ी चली आती है। ऊपर से लेकर नीचे तक, पानी की एक चादर-सी बन जाती है तब और लगता है कि इसी को ओढ़े हम बस बहे जा रहे हैं। कुछ देर बाद यह समझना मुश्किल हो जाता है कि पानी कहां खत्म हो रहा है और हवा कहां से शुरू।
बारिश के दिनों में बादल बरसना शुरू करते नहीं कि लोग भाग पड़ते हैं छांव की तलाश में। छतरियां खुल जाती हैं, कपड़ों के ऊपर रेनकोट आ जाते हैं। लेकिन, आप आजाद हैं इस फिक्र से। भागना किसलिए और छिपना किससे? बरसात में तैरना 'लोग क्या कहेंगे' की शर्म से बाहर आना है और बनी-बनाई लकीरों को तोड़ना। जो चीज जीवन से जुड़ी है, उसके आने पर थमना क्यों?
बारिश आपको छूती है, पूल अपने भीतर समेटे रहता है और दोनों मिलकर याद दिलाते हैं कि खुशी कहीं से भी बरस सकती है। भीगकर मन शांत हो जाता है, डूबकर चिंताएं घुल जाती हैं। धीरे-धीरे सारी निराशा, गुस्सा, हताशा धुल जाते हैं उसी पूल में और हल्कापन महसूस होने लगता है। जब बादल शांत होते हैं, स्विमिंग पूल वापस अपने पुराने रूप में लौट आता है, लेकिन आप बदल चुके होते हैं।