Thousands Of Fish Died In Sgpgi Lake Due To Lack Of Oxygen Administration Takes Action
झील में ऑक्सिजन की कमी से गई मछलियों की जान
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT न्यूज, लखनऊ : SGPGI परिसर की करीब सवा किलोमीटर लंबी झील में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत के बाद संस्थान प्रशासन हरकत में आया है। संस्थान प्रशासन के मुताबिक मछलियों की मौत की वजह पानी में ऑक्सिजन की कमी है। भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए एक विशेष कमिटी बनाई जाएगी। इसमें संस्थान के विशेषज्ञों के साथ मत्स्य विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा।
PGI के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि परिसर स्थित झील प्राकृतिक नहीं, बल्कि मानव निर्मित है। प्राकृतिक झीलों के विपरीत इसमें नीचे मिट्टी की परत नहीं है। पानी में पर्याप्त ऑक्सिजन बनाए रखने के लिए झील में छह ऑक्सिजनेटर और फव्वारे लगाए गए हैं। हाल में लगातार तेज बारिश हुई और कई दिनों तक धूप नहीं निकली। इससे पानी में काई यानी एल्गी तेजी से बढ़ गई। इससे पानी में ऑक्सिजन की मात्रा कम हो गई।6-7 साल पहले भी हुई थी ऐसी घटना : संस्थान प्रशासन के अनुसार करीब छह-सात साल पहले भी झील में इसी तरह मछलियों के मरने की घटना सामने आई थी। दोबारा ऐसी स्थिति बनने के बाद अब स्थायी समाधान खोजने की तैयारी है।
मत्स्य विशेषज्ञ देंगे तकनीकी सुझाव : कमिटी झील की पूरी व्यवस्था का अध्ययन करेगी। इसमें संस्थान के अधिकारियों और विशेषज्ञों के अलावा इंस्टिट्यूट ऑफ फिशरीज या अन्य मत्स्य विशेषज्ञों को शामिल किया जा सकता है। कमिटी पानी की गुणवत्ता , ऑक्सिजन स्तर, काई की समस्या और जल निकासी व्यवस्था की जांच करेगी। झील में अधिक क्षमता वाले आधुनिक ऑक्सिजनेटर या अन्य तकनीकी प्लांट लगाने पर विचार भी किया जा सकता है।