अमेरिका ने हिज्बुल्लाह को नकदी पहुंचाने वाले दस लोगों पर लगाए प्रतिबंध, सैकड़ों मिलियन डॉलर का नेटवर्क हुआ उजागर

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न्यूयॉर्क, 21 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका ने हिज्बुल्लाह को पैसा पहुंचाने वाले एक बड़े नेटवर्क पर नकेल कसी है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने ऐसे दस लोगों पर प्रतिबंध लगाए हैं जो लेबनान, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ईरान के बीच कुरियरों के ज़रिए करोड़ों डॉलर की नकदी पहुंचाते थे। यह नेटवर्क हिज्बुल्लाह को विदेशी मुद्रा हासिल करने और अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद करता था।

ओएफएसी ने साफ किया है कि यह नेटवर्क व्यावसायिक एयरलाइंस की उड़ानों का इस्तेमाल करके लेबनान, तुर्किये, यूएई और ईरान जैसे देशों के बीच यात्रा करने वाले कुरियरों के ज़रिए करोड़ों डॉलर की रकम पहुंचाता था। इस तरह, हिज्बुल्लाह जैसे संगठन औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से बाहर रहकर भी अपना काम चला पाते थे और प्रतिबंधों को चकमा दे पाते थे। अमेरिकी वित्त विभाग ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा, "अमेरिकी वित्त विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने दस ऐसे लोगों को नामित किया है जो हिज्बुल्लाह को नकदी पहुंचाने वाले नेटवर्क का हिस्सा हैं। यह नेटवर्क लेबनान, तुर्किये, यूएई और ईरान के बीच यात्रा करने वाले कुरियरों का उपयोग करता है, जो विभिन्न देशों के बीच सैकड़ों मिलियन डॉलर तक की रकम ले जाते हैं। इससे हिज्बुल्लाह को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से बाहर विदेशी मुद्रा प्राप्त करने और प्रतिबंधों से बचने में मदद मिलती है।"
विभाग ने यह भी बताया कि ओएफएसी ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-कुद्स फोर्स (आईआरजीसी-क्यूएफ) के आदेश पर ईरानी शासन को सेवाएं देने के कारण हिज्बुल्लाह को फिर से प्रतिबंधित संगठन घोषित किया है। यह कार्रवाई अमेरिका की आतंकवाद-रोधी शक्तियों के तहत संशोधित एग्जीक्यूटिव ऑर्डर (ईओ) 13224 के अनुसार की गई है। यह कोई नई बात नहीं है, क्योंकि अमेरिकी विदेश विभाग ने 31 अक्टूबर 2001 को ही एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 13224 के तहत हिज्बुल्लाह को स्पेशली डिजि ग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट (एसडीजीटी) यानी विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया था। अमेरिका का मानना है कि हिज्बुल्लाह ऐसी आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देता है या उनका गंभीर खतरा पैदा करता है, जो अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति या अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं।

वित्त विभाग ने इस बात पर भी जोर दिया कि हिज्बुल्लाह और उसके साथी पैसा जुटाने और उसे अलग-अलग जगहों पर भेजने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाते हैं। इनमें तेल की तस्करी, अवैध शिपिंग, सामानों की बिक्री और बड़ी मात्रा में नकदी की तस्करी जैसी गतिविधियां शामिल हैं। यह सब इसलिए किया जाता है ताकि वे अपनी आतंकवादी गतिविधियों को जारी रख सकें। विभाग के अनुसार, जिस नेटवर्क को निशाना बनाया गया है, उसका संबंध पहले आईआरजीसी-क्यूएफ के एक मृत वित्त अधिकारी बेहनाम शहरियारी से था। यह नेटवर्क इस बात का एक उदाहरण है कि कैसे आतंकवादी संगठनों को पूरे क्षेत्र में मदद पहुंचाई जाती है। यह कार्रवाई अमेरिका की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का एक अहम हिस्सा है, जिसका मकसद ऐसे नेटवर्कों को तोड़ना है जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं।

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