दस करोड़ की ठगी के आरोप में 4 गिरफ्तार

नवभारत टाइम्स

आगरा पुलिस ने चार साइबर ठगों को पकड़ा है। इन पर ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से दस करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। पुलिस ने इनके पास से कई एटीएम कार्ड और नकदी बरामद की है। यह गिरोह दुबई के मास्टरमाइंड के इशारे पर काम कर रहा था।

10 crore fraud 4 arrested in online gaming app and betting scam
आगरा पुलिस ने रविवार को चार ऐसे शातिर ठगों को दबोचा है, जिन्होंने ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के ज़रिए करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया था। ये ठग दुबई में बैठे एक मास्टरमाइंड के इशारे पर पूरे देश में अपना जाल बिछाए हुए थे। पुलिस ने इनके पास से कई ATM कार्ड और भारी मात्रा में नकदी भी बरामद की है। गिरोह का स्थानीय सरगना अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

डीसीपी पश्चिम अतुल शर्मा ने बताया कि शनिवार रात को थाना सिकंदरा पुलिस को इन साइबर अपराधियों के बारे में पुख्ता जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए हिमांशु, आशीष, सूरज और रामू नाम के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह दुबई में बैठे अपने मास्टरमाइंड के निर्देशों पर काम कर रहा था। वे ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के ज़रिए लोगों को अपना शिकार बनाते थे। इन ठगों ने अब तक 10 करोड़ रुपये से ज़्यादा की साइबर ठगी की है।

गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे 'अन्ना रेड्डी', 'सुपर 100' और 'महादेव' जैसे ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते थे। इन ऐप्स के ज़रिए वे लोगों को पैसे दोगुना करने या बड़ा इनाम जीतने का लालच देकर फंसाते थे। जब लोग लालच में आकर पैसे लगाते थे, तो ठग उन्हें ठग लेते थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में ATM कार्ड और नकदी बरामद की है। यह नकदी शायद ठगी से कमाए गए पैसों का हिस्सा है। पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों और दुबई में बैठे मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। यह मामला साइबर ठगी के बढ़ते खतरे को भी उजागर करता है, जहां लोग ऑनलाइन लालच का शिकार हो रहे हैं।