Noida Fake Call Center Busted Mastermind Sets Up Base In Noida After Cheating Hundreds In Gurgaon
गुड़गांव में सैकड़ों को ठगने के बाद नोएडा में जमाया डेरा
नवभारत टाइम्स•
नोएडा पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से ठगी करता था। मास्टरमाइंड दुर्गेश पहले भी गुड़गांव में ऐसा कर चुका है। पुलिस ने पांच जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इनके खातों से 10 लाख रुपये मिले हैं। पुलिस आगे की जांच कर रही है।
नोएडा पुलिस ने एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यह कॉल सेंटर मल्टीनेशनल कंपनियों में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगारों से ठगी करता था। पुलिस ने पांच जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जिनमें इस गैंग का सरगना दुर्गेश भी शामिल है। दुर्गेश पहले भी गुड़गांव में इसी तरह सैकड़ों युवाओं को ठग चुका है और जेल भी जा चुका है। पुलिस ने इन ठगों के पांच बैंक खातों से 10 लाख रुपये भी जब्त किए हैं।
नोएडा फेज 1 और साइबर थाने की पुलिस ने सेक्टर 6 में छापेमारी कर इस फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया। ये ठग खुद को श्रम विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को ठगते थे। उन्होंने जिस नाम से फर्जी आईडी बनाई थी, वह एक जाने-माने ट्रेड यूनियन नेता दत्तोपंत ठेगडी का नाम था। आरोपी खुद ही ऐसे दस्तावेज तैयार करते थे।एडीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि कॉल सेंटर का संचालक गुड़गांव का रहने वाला 32 वर्षीय दुर्गेश कुमार है। दुर्गेश 2022 में गुड़गांव में भी इसी तरह का कॉल सेंटर चलाकर ठगी कर चुका है। वहां की पुलिस से संपर्क कर दुर्गेश के बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है। एक पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसे नोएडा के सेक्टर 2 से कॉल करके नौकरी का झांसा दिया गया था।
जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, तो ठग कॉल सेंटर का सामान पैक करके सेक्टर 6 में शिफ्ट कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने एक कॉलर को पकड़ लिया। पूछताछ के बाद वह कॉलर पुलिस को कॉल सेंटर के संचालक दुर्गेश के पास ले गया, जहां से पुलिस ने पूरे गैंग का पर्दाफाश कर दिया।
ये ठग खुद को केंद्रीय श्रम विभाग का अधिकारी बताकर लोगों से बात करते थे। वे लोगों को नोएडा, गुड़गांव और दिल्ली की मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी लगवाने का लालच देते थे। नौकरी के नाम पर वे पीड़ितों से रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्जों के बहाने 2 हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक ऐंठ लेते थे।
पुलिस ने इन ठगों के पांच बैंक खातों में ठगी के 10 लाख रुपये पाए हैं और इन खातों को फ्रीज कर दिया है। पुलिस उस बिल्डिंग के मालिक को भी नोटिस भेजेगी, जहां दुर्गेश किराये पर फ्लोर लेकर कॉल सेंटर चला रहा था। दुर्गेश जेल से छूटने के बाद नोएडा आया और पहले सेक्टर 2 में कॉल सेंटर खोला, फिर उसे सेक्टर 6 में शिफ्ट कर दिया। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।