कांच व्यापारियों ने जताई निराशा

नवभारत टाइम्स

फिरोजाबाद के कांच व्यापारियों ने केंद्रीय बजट पर निराशा व्यक्त की है। उन्हें आम जनता और स्थानीय उद्यमियों के लिए राहत की उम्मीद थी। बजट में कांच उद्योग के लिए कोई विशेष घोषणा नहीं हुई। फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाली प्राकृतिक गैस पर भी टैक्स दर में कोई राहत नहीं मिली।

कांच व्यापारियों ने जताई निराशा
फिरोजाबाद: केंद्रीय बजट 2026-27 से आम जनता और स्थानीय उद्यमियों को बड़ी राहत की उम्मीद थी, लेकिन कोई खास घोषणा न होने से निराशा हाथ लगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए इस बजट पर टैक्सेशन के अधिवक्ताओं ने इसे संतुलित बताया है।

स्थानीय ग्लास सिंडिकेट के डायरेक्टर हनुमान प्रसाद गर्ग ने कहा कि कांच उद्योग के लिए बजट में कुछ भी खास नहीं था। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाली प्राकृतिक गैस पर टैक्स रेट में कोई राहत नहीं मिली। पहले भी जीएसटी की दरों में जो बदलाव हुए थे, उनसे कांच उद्योग को कोई फायदा नहीं हुआ था।
टैक्सेशन के वरिष्ठ अधिवक्ता कुलदीप कुमार मित्तल ने भी अपनी राय देते हुए कहा कि आयकर टैक्स स्लैब में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया। इस बजट से आम लोगों को उम्मीद थी कि कुछ राहत मिलेगी, लेकिन स्थानीय उद्यमियों को खास घोषणाओं का इंतजार था। बजट आने के बाद लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने इसे संतुलित बताया, तो वहीं कुछ निराश दिखे।