Hues Of Himachali Culture In Delhi Himachali Milan Samaroh Sets The Stage
हिमाचली संस्कृति की रंगीन झलक ने लुभाया
नवभारत टाइम्स•
दिल्ली में हिमाचल जन जागृति समिति ने हिमाचल स्टेटहुड डे पर एक शानदार मिलन समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर मोहित गर्ग, विनोद डोगरा और संजीव शर्मा जैसे लोक गायकों ने पहाड़ी गीतों से समां बांधा। सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाले प्रमुख लोगों को सम्मानित किया गया। दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
नई दिल्ली में हिमाचलियों ने मनाया राज्य स्थापना दिवस, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सम्मान समारोह से सजी महफिल
नई दिल्ली के पुष्प विहार में 'हिमाचल जन जागृति समिति' ने हिमाचल प्रदेश के राज्य स्थापना दिवस के मौके पर एक शानदार मिलन समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में हिमाचल के जाने-माने लोक गायक मोहित गर्ग, विनोद डोगरा और संजीव शर्मा ने अपने पहाड़ी गानों से समां बांध दिया, जिससे हर कोई झूम उठा। समिति के अध्यक्ष राज ठाकुर ने बताया कि इस समारोह में समाज, कला और संस्कृति के क्षेत्र में खास योगदान देने वाले प्रमुख लोगों को हिमाचली टोपी, शॉल और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों की संस्था 'दिल्ली हिमाचल स्टूडेंट एसोसिएशन' ने भी रंगारंग हिमाचली कार्यक्रम पेश किए।इस खास मौके पर पालमपुर सुधार सभा के अध्यक्ष विजय डोगरा, ज्वालामुखी विकास सभा के महासचिव राकेश चंद्र, हिमाचल प्रकोष्ठ के संयोजक संजय राणा, राजेश चौधरी, राहुल राणा, योगेंद्र शर्मा, सुभाष ठाकुर और राजेंद्र ठाकुर भी मौजूद रहे। मेहमानों ने हिमाचल से आए खास रसोइयों द्वारा तैयार किए गए स्वादिष्ट 'कांगड़ी धाम' का भी खूब लुत्फ उठाया। समिति के उपाध्यक्ष सी.एस. राणा, अमर नाथ शर्मा, संजय ठाकुर और सुनील शर्मा भी इस आयोजन में शामिल हुए।
'हिमाचल जन जागृति समिति' ने दिल्ली में रहने वाले हिमाचल प्रदेश के लोगों को एक साथ लाने के लिए यह मिलन समारोह आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिमाचल की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम की शुरुआत हिमाचली लोक कलाकारों के मनमोहक प्रस्तुतियों से हुई। मोहित गर्ग, विनोद डोगरा और संजीव शर्मा ने अपने जोशीले पहाड़ी गानों से लोगों को नाचने पर मजबूर कर दिया। उनके गानों में हिमाचल की खूबसूरती और जीवनशैली की झलक साफ दिखाई दे रही थी।
समारोह के दौरान, समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके समर्पण और योगदान के लिए दिया गया। हिमाचली टोपी और शॉल देकर उन्हें सम्मानित किया गया, जो हिमाचल की पारंपरिक पहचान हैं।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी अपनी संस्था 'दिल्ली हिमाचल स्टूडेंट एसोसिएशन' के बैनर तले कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इन युवा कलाकारों ने अपनी ऊर्जा और प्रतिभा से दर्शकों का दिल जीत लिया।
इस समारोह में 'कांगड़ी धाम' का विशेष आकर्षण रहा। हिमाचल के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखकर सभी मेहमानों ने खूब आनंद लिया। यह व्यंजन हिमाचल की पाक कला का एक बेहतरीन उदाहरण था।
इस आयोजन में समिति के कई सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। यह मिलन समारोह दिल्ली में रहने वाले हिमाचलियों के लिए अपनी जड़ों से जुड़े रहने और अपनी संस्कृति का जश्न मनाने का एक शानदार अवसर था।