2000 Crore Codeine Cough Syrup Smuggling 1600 page Chargesheet Against Mastermind Bhola And 7 Others Assets Worth 5 Crore Frozen In Kanpur
भोला समेत 7 के खिलाफ 1600 पन्नों की चार्जशीट
नवभारत टाइम्स•
वाराणसी पुलिस ने 2000 करोड़ के कफ सिरप तस्करी रैकेट के मास्टरमाइंड भोला जायसवाल और छह अन्य के खिलाफ 1600 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में पेश की है। आरोपियों ने फर्जी फर्मों से कफ सिरप बांग्लादेश भेजा और मोटी कमाई की। इस अवैध धन से संपत्ति खरीदी गई।
वाराणसी पुलिस ने 2000 करोड़ रुपये के कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी रैकेट के मास्टरमाइंड भोला जायसवाल सहित सात आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह रैकेट बड़े पैमाने पर कफ सिरप की तस्करी करता था और हवाला के जरिए पैसा कमाता था। पुलिस ने भोला जायसवाल, महेश कुमार, शिवाकांत, स्वप्निल केसरी, दिनेश कुमार यादव, आशीष यादव और आजाद जायसवाल के खिलाफ करीब 1600 पन्नों की चार्जशीट पेश की है। आरोपियों ने तस्करी के लिए फर्जी कंपनियां बनाईं और फर्जी ई-वे बिल का इस्तेमाल कर कफ सिरप को बांग्लादेश सीमा पर भेजकर दस गुना ज्यादा दाम पर बेचा। इस अवैध कमाई से उन्होंने चल-अचल संपत्ति खरीदी, जिसे अब जब्त कर लिया गया है।
वरुणा जोन की डीसीपी नीतू काद्यान ने बताया कि पिछले साल रोहनिया थाने में इस मामले में केस दर्ज हुआ था। जांच में कफ सिरप की तस्करी और हवाला से पैसे कमाने के आरोप सही पाए गए। इसलिए, इन सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। चार्जशीट के साथ फर्जी ई-वे बिल, बैंक लेनदेन के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, तस्करी में इस्तेमाल हुए वाहनों का टोल डेटा और बरामद सिरप की फोरेंसिक रिपोर्ट जैसे सबूत भी पेश किए गए हैं। सभी आरोपी इस समय जेल में हैं। हालांकि, मुख्य आरोपी भोला जायसवाल का बेटा शुभम विदेश भागने में कामयाब हो गया है।इस कफ सिरप तस्करी मामले में सारनाथ थाने में भी एक केस दर्ज है। इस मामले में कानपुर के पटकापुर निवासी विनोद अग्रवाल और उनके परिवार की कानपुर में 5 करोड़ 18 लाख रुपये की संपत्ति को एनडीपीएस ऐक्ट (सफेमा) के तहत फ्रीज कर दिया गया है। वाराणसी से कानपुर पहुंची पुलिस टीम ने गुरुवार को यह कार्रवाई की। फ्रीज की गई संपत्तियों में सिविल लाइंस स्थित एक मकान, एमराल्ड गुलिस्तान में दो प्लॉट और दहेली सुजानपुर का एक मकान शामिल है। इसके अलावा, अग्रवाल ब्रदर्स (विनोद अग्रवाल) के नाम पर आईसीआईसीआई बैंक की कानपुर शाखा में जमा 37 लाख 42 हजार रुपये भी फ्रीज कर दिए गए हैं।
एसीपी विदुष सक्सेना ने बताया कि विनोद अग्रवाल का एमके हेल्थ केयर और पीडी फार्मा जैसी अवैध फर्मों के साथ करीब 67 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन के सबूत मिले हैं। आरोपियों ने तस्करी के लिए फर्जी फर्मों का इस्तेमाल किया। वे कफ सिरप की सप्लाई दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाते थे। इसके बाद, वे फर्जी ई-वे बिल का उपयोग करके चुपके से कफ सिरप को बांग्लादेश की सीमा पर भेज देते थे। वहां, वे इसे दस गुना ज्यादा कीमत पर बेचते थे। इस तरह से कमाए गए पैसे को उन्होंने अपनी चल और अचल संपत्ति में लगाया था। एनडीपीएस ऐक्ट की धारा 68 F के तहत इन संपत्तियों को जब्त किया गया है। चार्जशीट के साथ पेश किए गए सबूतों में फर्जी ई-वे बिल, बैंकों के लेनदेन के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, तस्करी में इस्तेमाल हुए वाहनों के टोल डेटा और बरामद सिरप की विधि विज्ञान प्रयोगशाला की परीक्षण रिपोर्ट शामिल हैं। एबाट लेबोरेटरी और लेबो कंपनी की रिपोर्ट भी साक्ष्य के तौर पर दाखिल की गई हैं। यह पूरा रैकेट बहुत बड़े पैमाने पर काम कर रहा था और इसमें कई लोग शामिल थे। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि रैकेट के बाकी सदस्यों का भी पता लगाया जा सके।