Polices Duty To Protect Those Marrying Against Familys Will Allahabad Hc
परिवार की मर्ज़ी के खिलाफ शादी करने वालों की सुरक्षा पुलिस का कर्तव्य: HC
नवभारत टाइम्स•
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी करने वाले जोड़ों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की जिम्मेदारी दोहराई है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस खतरे का अंदाजा लगाकर सुरक्षा देने के लिए जिम्मेदार है। बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।
प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी करने वाले जोड़ों की जिंदगी और आजादी की रक्षा करना राज्य की जिम्मेदारी है। जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने सामिया और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों को हर मामले में खतरे का अंदाजा लगाना चाहिए। उन्हें स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षित रहने की जगह और जरूरी सुरक्षा मुहैया करानी होगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि आजकल बड़ी संख्या में युवा जोड़े सुरक्षा के लिए कोर्ट आ रहे हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को ध्यान में रखते हुए, राज्य के अधिकारियों को एक प्रभावी सिस्टम बनाना चाहिए। साथ ही, जिला स्तर पर ऐसे मामलों को सुलझाने के लिए गाइडलाइन भी जारी करनी चाहिए।
कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस की यह ड्यूटी है कि वह ऐसे जोड़ों को सुरक्षा दे। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी जान और आजादी को कोई खतरा न हो। यह फैसला उन सभी युवा जोड़ों के लिए एक बड़ी राहत है जो समाज या परिवार के दबाव में अपनी पसंद से शादी करने का फैसला करते हैं।जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने कहा कि पुलिस को हर मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्हें यह पता लगाना चाहिए कि क्या वाकई कोई खतरा है। अगर खतरा है, तो पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। इसमें सुरक्षित जगह देना और हर तरह की सुरक्षा शामिल है।
कोर्ट ने यह भी माना कि ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। इसलिए, राज्य सरकार को एक ऐसा सिस्टम बनाना चाहिए जो इन मामलों को जल्दी और प्रभावी ढंग से निपटा सके। जिला स्तर पर भी इसके लिए नियम और कायदे बनाने होंगे ताकि पुलिस अधिकारियों को पता हो कि उन्हें क्या करना है।
सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों को भी ध्यान में रखने की बात कही गई है। इसका मतलब है कि कोर्ट चाहता है कि राज्य सरकार इन फैसलों का पालन करे और उन्हें लागू करे। यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि किसी भी जोड़े को उनकी मर्जी से शादी करने के कारण परेशानी न हो।