Nale Ki Zameen Par Jang Mla Bedi Rams Marriage Lawn Under Investigation Secret To Be Revealed In A Week
नाले की ज़मीन पर 'जंग', एक हफ्ते में कमिटी खोलेगी राज़
नवभारत टाइम्स•
लखनऊ में नाले की जमीन पर जंग छिड़ गई है। नगर निगम ने एक विशेष जांच कमिटी बनाई है। यह कमिटी एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट देगी। विधायक बेदी राम के मैरिज लॉन की जमीन की भी जांच होगी। डेढ़ साल से जलभराव से परेशान गंगोत्री विहार के लोग विधायक पर नाला बंद करने का आरोप लगा रहे हैं।
लखनऊ: गंगोत्री विहार में डेढ़ साल से जलभराव की समस्या के चलते नगर निगम ने एक विशेष जांच कमिटी का गठन किया है। यह कमिटी विधायक बेदी राम और सपा पार्षद ममता रावत के पति गौतम रावत से जुड़े नाले के विवाद की जांच करेगी। कमिटी एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जांच विधायक के मैरिज लॉन तक भी पहुंचेगी, जहां जमीन की पैमाइश कर यह पता लगाया जाएगा कि कहीं नाला लॉन के नीचे तो नहीं दब गया है।
नगर निगम के संपत्ति अधिकारी रामेश्वर प्रसाद के नेतृत्व वाली इस टीम में तहसीलदार और नायब तहसीलदार भी शामिल हैं। नगर निगम ने तहसील प्रशासन को इस संबंध में पत्र भेजा है। यह टीम न केवल विवादित जगह, बल्कि भरवारा में बने सभी सरकारी नालों की जमीन की भी गहराई से जांच करेगी।यह मामला तब और दिलचस्प हो गया जब विधायक बेदी राम की शिकायत के बाद नगर निगम ने सपा पार्षद ममता रावत के पति गौतम रावत की संपत्तियों की भी पैमाइश करने का फैसला लिया। अब दोनों पक्षों की संपत्तियां नगर निगम और तहसील के रडार पर हैं।
गंगोत्री विहार के लोग पिछले डेढ़ साल से जलभराव और बंद नालों की समस्या से जूझ रहे हैं। लोगों का सीधा आरोप है कि विधायक बेदी राम ने नाला बंद कर दिया है। अब नगर निगम की रिपोर्ट आने के बाद ही नाला खुलवाया जाएगा।
इस पूरे मामले में नगर निगम की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। यह रिपोर्ट तय करेगी कि जलभराव का असली कारण क्या है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। जांच में विधायक बेदी राम के मैरिज लॉन की जमीन की भी पैमाइश की जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि कहीं नाला लॉन की जमीन के नीचे तो नहीं दब गया है।
तहसील की टीम इस जांच में अहम भूमिका निभाएगी। इस टीम में तहसीलदार और नायब तहसीलदार भी शामिल होंगे। नगर निगम ने तहसील प्रशासन को इस बारे में पत्र भेज दिया है। यह टीम सिर्फ विवादित जगह की ही नहीं, बल्कि भरवारा में बने सभी सरकारी नालों की जमीन की भी बारीकी से जांच करेगी।
यह पूरा मामला तब और गरमा गया जब विधायक बेदी राम ने शिकायत की। इसके बाद नगर निगम ने सपा पार्षद ममता रावत के पति गौतम रावत की संपत्तियों की भी पैमाइश करने का फैसला लिया। यानी अब दोनों पक्षों की संपत्तियां नगर निगम और तहसील की नजर में हैं।
गंगोत्री विहार के निवासी पिछले डेढ़ साल से जलभराव और बंद नालों की समस्या से परेशान हैं। लोगों का सीधा आरोप है कि विधायक बेदी राम ने नाला बंद कर दिया है। अब नगर निगम की रिपोर्ट आने के बाद ही इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।