~39.70 करोड़ का भव्य लक्ष्मण द्वार करेगा स्वागत

नवभारत टाइम्स

अयोध्या में राम मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत भव्य लक्ष्मण द्वार से होगा। 39.70 करोड़ की लागत से बन रहा यह द्वार पिंक सैंड स्टोन से तैयार हो रहा है। इसका निर्माण कार्य अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है।

a grand laxman dwar worth 3970 crore will be built in ayodhya offering a grand welcome to ram mandir devotees
अयोध्या में राम मंदिर आने वाले भक्तों का स्वागत भव्य तरीके से करने की तैयारी है। इसके लिए 39.7 करोड़ रुपये की लागत से एक शानदार लक्ष्मण द्वार बनाया जा रहा है। यह द्वार एनएच-330 ए हाइवे पर अयोध्या-गोंडा मार्ग पर गुलाबी बलुआ पत्थर से बन रहा है। यह अयोध्या को जोड़ने वाले सभी मुख्य रास्तों पर जिले में प्रवेश के लिए बनाए जा रहे कई द्वारों में से एक है। इस द्वार के पास ही यात्रियों और भक्तों के लिए कई तरह की सुविधाएं भी दी जाएंगी। यह प्रवेश द्वार देईपुर कटरा भागचंद्र के इलाके में 40 मीटर चौड़ी सड़क पर बन रहा है। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड इस गुलाबी पत्थर से द्वार का निर्माण कर रहा है। प्रोजेक्ट मैनेजर रविंद्र यादव ने बताया कि यह द्वार अयोध्या की पुरानी वास्तुकला को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। उम्मीद है कि अक्टूबर तक इसका काम पूरा हो जाएगा।

इसके साथ ही, 19 मार्च को नव संवत्सर के मौके पर राम मंदिर परिसर में एक बड़े उत्सव का आयोजन भी होने वाला है। इस उत्सव में मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि इस उत्सव के लिए करीब पांच हजार लोगों को न्योता भेजा जाएगा।
यह लक्ष्मण द्वार अयोध्या आने वाले हर श्रद्धालु का दिल जीत लेगा। यह सिर्फ एक प्रवेश द्वार नहीं होगा, बल्कि अयोध्या की भव्यता और संस्कृति की पहली झलक भी देगा। गुलाबी बलुआ पत्थर से बना यह द्वार देखने में बेहद खूबसूरत होगा। इसे इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है कि यह अयोध्या की प्राचीन वास्तुकला की याद दिलाए।

इस द्वार के आसपास यात्रियों और भक्तों के लिए कई सुविधाएं भी होंगी। सोचिए, अयोध्या आकर आपको किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सारी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। पीने के पानी से लेकर आराम करने की जगह तक, सब कुछ यहाँ मिलेगा।

यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा चलाया जा रहा है। प्रोजेक्ट मैनेजर रविंद्र यादव इस काम की देखरेख कर रहे हैं। वे खुद बता रहे हैं कि "अयोध्या की प्राचीन वास्तुकला के आधार पर निर्माण करवाया जा रहा है।" यह दिखाता है कि वे अयोध्या की पहचान को बनाए रखने का कितना ध्यान रख रहे हैं।

नव संवत्सर का उत्सव भी खास होने वाला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आना इस उत्सव की शोभा बढ़ाएगा। पांच हजार लोगों को आमंत्रित किया जाना यह बताता है कि यह एक बड़ा और महत्वपूर्ण आयोजन होगा। राम मंदिर के साथ-साथ यह उत्सव भी अयोध्या को एक नई पहचान देगा।