Employees Unite Against Governments Neglect Of Employee Interests Protest Against Salary Withholding
‘लगातार कर्मचारी हितों की अनदेखी कर रही सरकार’
नवभारत टाइम्स•
यूपी फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विस असोसिएशन ने आंदोलनरत कर्मचारियों को समर्थन दिया है। सरकार से कर्मचारियों की लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की गई है। एसआईआर में ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों का वेतन रोका जाना गैर-व्यावहारिक बताया गया है। सरकार द्वारा कर्मचारी हितों की लगातार अनदेखी से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
लखनऊ: अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर यूपी फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विस असोसिएशन ने आंदोलनरत कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया है। उन्होंने सरकार और शासन से कर्मचारियों की रुकी हुई मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की है। अध्यक्ष संदीप पांडे और महामंत्री मंसूर अली ने कहा कि एसआईआर में ड्यूटी कर रहे कई कर्मचारी अपने घर और क्षेत्र से दूर हैं। ऐसे में, उनकी चल-अचल संपत्ति का डेटा फीड न होने पर उनका वेतन रोकना एक अव्यावहारिक कदम है। सरकार लगातार कर्मचारी हितों की अनदेखी कर रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी गुस्सा है। इस मामले में शुक्रवार को मुख्य सचिव को एक पत्र भी भेजा गया है।
प्रदर्शनकारियों को उपाध्यक्ष देवेंद्र कुमार और क्षेत्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह महामंत्री रंजीत कुमार ने भी संबोधित किया। इस दौरान यूपी फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विस असोसिएशन के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र यादव, महामंत्री सुधीर भारतीय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद कुमार चौधरी, उपाध्यक्ष राजकुमार और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।कर्मचारियों का कहना है कि एसआईआर में काम करने वाले कई कर्मचारी अपने परिवार से दूर रहकर ड्यूटी कर रहे हैं। उन्हें अपने घर और जमीन-जायदाद से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करानी है। लेकिन, कुछ तकनीकी या अन्य कारणों से यह काम पूरा नहीं हो पा रहा है। इस वजह से उनका वेतन रोका जा रहा है, जो कि सरासर गलत है।
महासंघ के नेताओं ने साफ कहा कि सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण कर्मचारियों में भारी रोष है। वे अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और तेज होगा।
मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में कर्मचारियों की सभी लंबित मांगों का उल्लेख किया गया है। इसमें वेतन विसंगतियों को दूर करने, पदोन्नति के अवसर बढ़ाने और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने की मांगें शामिल हैं। महासंघ ने सरकार से अपील की है कि वह कर्मचारियों की समस्याओं को समझे और उनका समाधान करे।