RTE में आए 3500 आवेदन, 900 का किया वेरिफिकेशन

नवभारत टाइम्स

शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत आरटीई में 3500 आवेदन आए हैं। अभी तक केवल 900 आवेदनों का ही सत्यापन हो पाया है। पोर्टल में तकनीकी खामियों के कारण सत्यापन प्रक्रिया धीमी है। 16 फरवरी तक आवेदन की अंतिम तिथि है। लॉटरी और स्कूलों का आवंटन भी होना है। समय पर कार्य पूरा होने पर संशय बना हुआ है।

rte application verification delayed only 900 verified out of 3500 questions raised on education departments functioning
ग्रेटर नोएडा में शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत पहले चरण में आवेदन की अंतिम तिथि 16 फरवरी है, लेकिन पोर्टल की गड़बड़ियों के कारण अभी तक केवल 3500 आवेदन ही आए हैं, जिनमें से 900 का ही सत्यापन हो पाया है। यह बेसिक शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है। नए सत्र के लिए 1163 स्कूलों में करीब 12,200 सीटें तय की गई हैं। आवेदन प्रक्रिया 2 फरवरी से शुरू हुई थी, लेकिन पहले दिन ही पोर्टल में खराबी आ गई थी। अब सत्यापन का काम भी अटक गया है क्योंकि पोर्टल दिन में ठीक से काम नहीं कर रहा है, इसलिए टीम रात में सत्यापन कर रही है। 16 फरवरी को लॉटरी और 20 फरवरी तक स्कूलों का आवंटन होना है, ऐसे में समय पर काम पूरा होने पर संदेह है। 70 आवेदन गलत भरे जाने के कारण रिजेक्ट भी हुए हैं।

आरटीई के तहत बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए यह प्रक्रिया चलाई जा रही है। इस बार नए सत्र के लिए 1163 स्कूलों को चुना गया है। इन स्कूलों में कुल 12,200 सीटें हैं, जिन पर बच्चों का दाखिला आरटीई के तहत होगा। पहले चरण में आवेदन करने की आखिरी तारीख 16 फरवरी है।
आवेदन प्रक्रिया 2 फरवरी से शुरू हुई थी। लेकिन पहले दिन ही पोर्टल में कुछ दिक्कतें आ गईं, जिससे लोग आवेदन नहीं कर पाए। यह समस्या यहीं नहीं रुकी। अब तक आए 3500 आवेदनों में से केवल 900 का ही सत्यापन हो पाया है। इसका मुख्य कारण पोर्टल का ठीक से काम न करना है।

बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी भी इस समस्या से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि दिन में पोर्टल ठीक से नहीं चलता है। इसलिए, सत्यापन का काम रात में किया जा रहा है। यह स्थिति बेसिक शिक्षा विभाग के कामकाज पर सवाल खड़े करती है।

इस पूरी प्रक्रिया में समय का बहुत महत्व है। पहले चरण की लॉटरी 16 फरवरी को होनी है। इसके बाद 20 फरवरी तक बच्चों को स्कूल आवंटित किए जाने हैं। लेकिन पोर्टल की समस्याओं के कारण, यह समय पर हो पाएगा या नहीं, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है।

यह भी पता चला है कि 70 आवेदन गलत जानकारी भरने के कारण रद्द कर दिए गए हैं। इसका मतलब है कि आवेदन करने वालों को भी थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। आरटीई अधिनियम का उद्देश्य सभी बच्चों को शिक्षा का समान अवसर देना है, और इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाना विभाग की जिम्मेदारी है।