LU: फाइल गुम हुई तो बाबुओं पर होगी FIR

नवभारत टाइम्स

लखनऊ विश्वविद्यालय में अब सरकारी दस्तावेज गुम होने पर कर्मचारियों पर एफआईआर होगी। वर्तमान और रिटायर्ड कर्मचारियों की लापरवाही पर भी कार्रवाई होगी। विवि प्रशासन ने बाबुओं पर सख्ती का फैसला लिया है। मूल दस्तावेज और फाइलें विवि की संपत्ति हैं। इन्हें गायब करना एक अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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लखनऊ विश्वविद्यालय में अब सरकारी दस्तावेजों के गायब होने पर कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। यह नियम वर्तमान और रिटायर्ड दोनों कर्मचारियों पर लागू होगा। विवि प्रशासन ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि कई पुराने मामलों में दस्तावेज न मिलने से काम रुक जाता है और फाइलों के दबने की आशंका रहती है। इस सख्ती का मकसद जिम्मेदारी तय करना है।

हाल ही में रजिस्ट्रार कार्यालय में एक फाइल कई दिनों तक गायब रही। जब बाबूओं ने फाइल ढूंढने में असमर्थता जताई, तो विवि प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया। एफआईआर की नोटशीट भी बनने लगी थी, तभी वह फाइल मिल गई। इस घटना ने विवि प्रशासन को यह कड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया।
विविध की रजिस्ट्रार भावना मिश्रा ने साफ कहा है कि मूल दस्तावेज और फाइलें विश्वविद्यालय की संपत्ति हैं। इनका गायब होना एक अपराध है। उन्होंने बताया, "कोई भी व्यक्ति अगर इस तरह के कृत्य में सामने आता है तो विवि प्रशासन अब कानूनी कार्रवाई करेगा। जिसमें संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।"

इस नए नियम के तहत, अगर किसी भी कर्मचारी की लापरवाही से सरकारी दस्तावेज या फाइलें गायब मिलती हैं, तो उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी। यह कार्रवाई रिटायर्ड कर्मचारियों पर भी लागू होगी, अगर उनकी सेवा अवधि के दौरान दस्तावेज गायब हुए हों और यह लापरवाही सामने आए।

विविध प्रशासन का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से कर्मचारियों में जवाबदेही बढ़ेगी। वे दस्तावेजों को लेकर अधिक सतर्क रहेंगे। इससे फाइलों के गुम होने या जानबूझकर दबाने की प्रवृत्ति पर भी अंकुश लगेगा। यह कदम विश्वविद्यालय के कामकाज में पारदर्शिता और कुशलता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।