मर चुके मालिकों को ज़िंदा दिखा प्लॉट बेचा, अरेस्ट

नवभारत टाइम्स

पुलिस ने जमीन की धोखाधड़ी में एक आरोपी हंसराज कुमार को लुधियाना से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मरे हुए लोगों को जिंदा दिखाकर फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाई। इसके आधार पर करोड़ों रुपये का प्लॉट बेच दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपी को पकड़ा है। आरोपी ने साथी के साथ मिलकर यह फर्जीवाड़ा किया था।

plot sold by showing deceased owners as alive accused arrested
गुड़गांव पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW-I) ने जमीन के एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए हंसराज कुमार नाम के एक आरोपी को लुधियाना से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मरे हुए लोगों को जिंदा दिखाकर फर्जी जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) बनवाई और करोड़ों रुपये का प्लॉट बेच डाला। यह मामला तब सामने आया जब एक पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके ससुर और सास के नाम सुशांत लोक में एक प्लॉट था, जिनका निधन क्रमशः 2019 और 2020 में हो चुका था।

पीड़िता ने बताया कि जब वह अपने ससुर-सास की मौत के बाद प्लॉट अपने नाम करवाने नगर निगम पहुंची, तो उसे पता चला कि प्लॉट राहुल जोशी और सोनिया जोशी के नाम पर ट्रांसफर हो चुका है। आगे की जांच में पता चला कि यह ट्रांसफर गौरव कटारिया ने करवाया था। इसके लिए एक फर्जी जीपीए (जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी) तैयार की गई थी, जिसके आधार पर 6 फरवरी 2025 को प्लॉट की रजिस्ट्री करवा दी गई। इस मामले में सुशांत लोक थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
EOW-I की टीम ने इस मामले की गहन जांच की और गुरुवार को आरोपी हंसराज कुमार को लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में हंसराज ने खुलासा किया कि वह लुधियाना के खन्ना इलाके में टैक्सी चलाता है। उसने अपने साथी गौरव कटारिया के साथ मिलकर वजीराबाद, उत्तर प्रदेश से फर्जी जीपीए बनवाई। इसके बाद, इस जीपीए को गौरव कटारिया के नाम पर ट्रांसफर किया गया। फिर, गौरव कटारिया ने इस प्लॉट को राहुल जोशी और सोनिया जोशी को दो करोड़ रुपये में बेच दिया। इस तरह, मरे हुए लोगों की संपत्ति को जीवित दिखाकर करोड़ों का घोटाला किया गया। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। यह घटना जमीन के सौदों में बरती जाने वाली सावधानी और सतर्कता की अहमियत को दर्शाती है।