T20 World Cup Indias Mistakes And Pakistans Strategy Can Team India Recover
भारत को ग़लतियां सुधारनी होंगी
नवभारत टाइम्स•
भारतीय क्रिकेट टीम को T20 विश्व कप में अपनी कमजोरियों पर ध्यान देना होगा। पिछले मैचों में मध्यक्रम का प्रदर्शन चिंताजनक रहा है। मजबूत टीमों के खिलाफ बेहतर रणनीति की आवश्यकता है। पाकिस्तान की स्पिन गेंदबाजी को समझना महत्वपूर्ण होगा। टीम को अति आत्मविश्वास से बचना चाहिए और बाउंड्री पर आउट होने से बचना होगा।
पिछला T20 विश्व कप जीतने के बाद से भारतीय क्रिकेट टीम का रिकॉर्ड शानदार रहा है, लेकिन हालिया प्रदर्शन चिंताजनक है। टीम ने दो शुरुआती मैच जीते तो हैं, पर उनका चैंपियन वाला अंदाज़ नहीं दिखा। मध्यक्रम संघर्ष कर रहा है और एसोसिएट टीमों के गेंदबाजों ने भी भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया है। पाकिस्तान की टीम भारत को उसी की धरती पर घेरने की रणनीति बना रही है, खासकर स्पिन गेंदबाजों पर जोर देकर। ऐसे में, टीम इंडिया को ओवरकॉन्फिडेंस से बचकर और बाउंड्री पर बड़े शॉट्स खेलने में सावधानी बरतनी होगी, ताकि पाकिस्तान के खिलाफ अपनी जीत की लय बरकरार रखी जा सके।
भारतीय टीम ने पिछले T20 विश्व कप में जीत के बाद से कोई सीरीज नहीं गंवाई है। पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप में टाई मैच में मिली जीत और एशिया कप में लगातार तीन बार पटखनी देने से हर भारतीय खुश है। ऐसे में उम्मीदें बहुत ज़्यादा हैं कि इस बार भी भारत ही जीतेगा और सीमा पार टीवी फोड़ने जैसे नज़ारे फिर देखने को मिलेंगे। हर गली में जश्न का माहौल होगा।लेकिन, सिक्के का दूसरा पहलू भी है जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। इस विश्व कप में अब तक खेले गए दो मैचों में भारतीय टीम का चैंपियन वाला अंदाज़ नहीं दिखा है। मध्यक्रम के बल्लेबाजों को रन बनाने में संघर्ष करना पड़ रहा है। यहाँ तक कि दो एसोसिएट टीमों के गेंदबाजों ने भी भारतीय बल्लेबाजों पर हावी होते दिखे। अपनी ही ज़मीन पर खेलते हुए भी स्पिनर भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर रहे हैं।
T20 विश्व कप के शुरुआती दो मुकाबलों में विपक्षी टीमों ने भारतीय टीम को कड़ी टक्कर दी है। अमेरिका और नामीबिया जैसी टीमों के सामने भारतीय टीम का प्रदर्शन चिंताजनक रहा है। इन मैचों ने यह सोचने पर मजबूर किया है कि जब मज़बूत टीमों के खिलाड़ी सामने होंगे तो भारतीय टीम कैसा प्रदर्शन करेगी। नामीबिया के खिलाफ तो भारतीय टीम 11 गेंदों पर सिर्फ 3 रन बना सकी और 5 विकेट गंवा दिए। पिछले T20 विश्व कप में पाकिस्तान को हराने वाली अमेरिका की टीम ने भी भारतीय टीम को पानी पिला दिया। अमेरिका ने पावरप्ले में ही चार विकेट झटक लिए थे और 77 रनों पर 6 विकेट गिराकर भारतीय टीम को संकट में डाल दिया था।
दूसरी ओर, पाकिस्तान की टीम भारत को उसी की धरती पर घेरने की रणनीति बना रही है। पाकिस्तान टीम के कोच माइक हेसन ग्राउंड रियलिटी पर यकीन रखते हैं। इसलिए, उनका जोर पाकिस्तान की तेज़ गेंदबाजी की जगह स्पिन पर है। यह रणनीति कारगर भी दिख रही है। पाकिस्तानी टीम अब एक पार्ट-टाइम स्पिनर के साथ कुल 5 स्पिन गेंदबाजों का इस्तेमाल कर रही है। अमेरिका के खिलाफ मैच में सिर्फ शाहीन शाह अफरीदी ही तेज़ गेंदबाज के तौर पर खेले थे। टीम ने बाकी 16 ओवर स्पिनरों से ही डलवाए। माइक हेसन भारत को भारत के ही अंदाज़ में घेरना चाह रहे हैं।
पाकिस्तान की ताकत की बात करें तो भारतीय बल्लेबाज शादाब खान और मोहम्मद नवाज को आसानी से खेल सकते हैं। शादाब एक औसत स्पिनर हैं और बाएं हाथ के नवाज बल्लेबाजों को फुल लेंथ गेंद खेलने पर मजबूर करते हैं। यह बात भारतीय खिलाड़ी जानते हैं। उस्मान तारिक को फायदा मिल सकता है, क्योंकि उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों के सामने पहले कभी गेंदबाज़ी नहीं की है। दूसरी खास बात यह है कि वह ऑफ-स्पिनर हैं और भारत के टॉप 8 बल्लेबाजों में से 6 बाएं हाथ से खेलते हैं। उस्मान की कैरम बॉल गेंदबाज़ी में विविधता लाती है। अपनी इन खूबियों से उन्होंने 4 T20 मैचों में 11 विकेट लिए हैं।
पाकिस्तान के एक और गेंदबाज अबरार अहमद अपने हाई आर्म एक्शन के साथ गुगली और लेग ब्रेक गेंद फेंकते हैं। उनकी गेंदबाज़ी की लेंथ अमूमन एक जैसी रहती है। उन्होंने अपने 75% से ज़्यादा विकेट गुड लेंथ गेंदों पर झटके हैं। वह बीच के ओवरों में रन बचाकर सामने वाली टीम पर दबाव बनाते हैं। पाकिस्तान टीम के ओपनर सैम अयूब से पावरप्ले में बचना ज़रूरी होगा। पिछले 25 मुकाबलों में उन्होंने 2 अर्धशतक जड़े हैं, लेकिन पावरप्ले में अपनी सटीक गेंदबाज़ी से वह टीम में बने हुए हैं। उन्होंने पावरप्ले में अब तक 10 विकेट लिए हैं। वह ऑफ और लेग स्पिनर दोनों हैं। वह शार्प टर्न भी कर लेते हैं और कैरम बॉल भी फेंकते हैं।
टीम इंडिया को ओवरकॉन्फिडेंस से बचने की सख्त ज़रूरत है। टीम में कई पावर-हिटर हैं और हर खिलाड़ी हर गेंद पर छक्का मारने की कोशिश करता है। हालांकि, टीम इस समय संतुलन दिखा रही है। पहले मैच में सूर्यकुमार यादव ने शुरुआती गेंदों पर काफी सावधानी बरती और यही काम हार्दिक पांड्या ने दूसरे मैच में किया। इसके अलावा, भारतीय खिलाड़ियों को बाउंड्री पर आउट होने से बचना होगा। पहले मैच में उनके चार बल्लेबाज बाउंड्री पर लपके गए। कोलंबो का मैदान बड़ा है और वहां जब तक पूरा भरोसा न हो, तब तक बड़े शॉट्स खेलने से बचना चाहिए। अगर यहाँ हम जीत गए तो भारत को T20 विश्व कप में पाकिस्तान को आठवीं बार हराने से कोई नहीं रोक सकता।