Greater Noida Rs 51 Lakh Fraud In The Name Of Allotting Flats Case Registered Against Three
फ्लैट दिलाने के नाम पर हड़पे 51 लाख, तीन के खिलाफ केस दर्ज
नवभारत टाइम्स•
नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में फ्लैट दिलाने और मोटा रिटर्न देने का लालच देकर 51 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी हुई है। पीड़ित ललित नागर की शिकायत पर पुलिस ने दीपक, नीतीश और गोविंद के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों ने एक प्रोजेक्ट में निवेश पर 1.38 प्रतिशत मासिक ब्याज का वादा किया था।
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में फ्लैट दिलाने और मोटा मुनाफा देने का लालच देकर 51 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी का मामला सामने आया है। नॉलेज पार्क पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपियों ने एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का नाम लेकर पीड़ित को एक प्रोजेक्ट में पैसे लगाने को कहा था। उन्होंने वादा किया था कि 17 मार्च 2023 से 35 महीने के अंदर 1.38 प्रतिशत हर महीने ब्याज मिलेगा और साथ ही तय समय पर फ्लैट भी दे दिया जाएगा। पीड़ित ललित नागर ने बताया कि उन्होंने आरोपियों को अलग-अलग तारीखों में आरटीजीएस के जरिए कुल 51,18,137 रुपये दिए थे। लेकिन, तय समय बीत जाने के बाद भी न तो उन्हें फ्लैट मिला और न ही ब्याज का पैसा। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगे और बाद में धमकी देने लगे। पुलिस ने दीपक, नीतीश और गोविंद, जो ईस्ट नई दिल्ली के रहने वाले हैं, के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस फिलहाल आरोपियों के बैंक खातों और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित ललित नागर ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि आरोपियों ने खुद को एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से जुड़ा हुआ बताया था। उन्होंने सेक्टर स्थित एक प्रोजेक्ट में निवेश करने का प्रस्ताव दिया। आरोपियों ने ललित नागर को भरोसा दिलाया कि अगर वे इस प्रोजेक्ट में पैसा लगाते हैं, तो उन्हें 17 मार्च 2023 से शुरू होकर अगले 35 महीनों के अंदर 1.38 प्रतिशत मासिक ब्याज के साथ अच्छा मुनाफा मिलेगा। इसके अलावा, उन्होंने यह भी वादा किया कि तय समय पर उन्हें फ्लैट का कब्जा भी दे दिया जाएगा।ललित नागर के अनुसार, उन्होंने आरोपियों के कहने पर अलग-अलग तारीखों पर आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से कुल 51,18,137 रुपये आरोपियों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। आरटीजीएस एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली है जिससे एक बैंक से दूसरे बैंक में तुरंत पैसे भेजे जा सकते हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब तय समय सीमा बीत गई, तो न तो उन्हें फ्लैट का कब्जा मिला और न ही उन्हें ब्याज का पैसा दिया गया। जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगने की कोशिश की, तो आरोपी उन्हें टालते रहे और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद, जब ललित नागर ने अपने पैसे वापस देने के लिए दबाव बनाया, तो आरोपियों ने उन्हें धमकी देना शुरू कर दिया।
इस धोखाधड़ी के मामले में नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी दीपक, नीतीश और गोविंद, जो ईस्ट नई दिल्ली के निवासी हैं, के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। वे आरोपियों के बैंक खातों और पैसों के लेन-देन की पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की ठगी से बचने के लिए किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लेनी चाहिए और सभी कागजात को ध्यान से देख लेना चाहिए।