सिस्टम के नकारेपन से एक और

नवभारत टाइम्स

नोएडा के बाद अब दनकौर में लापरवाही से एक मासूम की जान गई। दलेलगढ़ गांव में बिना चारदीवारी के तालाब में तीन साल का देवांश डूब गया। ग्रामीणों ने पहले भी सुरक्षा की गुहार लगाई थी। अफसरों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ। यह घटना सिस्टम की लापरवाही को उजागर करती है।

systems negligence three year old toddler drowns in pond in dankaur complaint filed earlier too
दनकौर में एक बार फिर अफसरों की लापरवाही सामने आई है। नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की गड्ढे में गिरकर मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि दनकौर में एक तीन साल के मासूम देवांश की बिना चारदीवारी वाले तालाब में डूबने से जान चली गई। यह घटना तब हुई जब युवराज की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने इस तालाब की सुरक्षा के लिए अफसरों से गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।

यह दुखद घटना दलेलगढ़ गांव में शनिवार शाम को हुई। तीन साल का मासूम देवांश, जो कुछ दिन पहले ही अपने मामा के घर सिकंदराबाद से आया था, गांव के पास करीब 10 फुट गहरे तालाब में खेलते हुए गिर गया और डूब गया। घरवालों को करीब आधे घंटे बाद वह तालाब में मृत मिला।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने ग्रेनो प्राधिकरण से इस तालाब की सफाई और सुरक्षा के लिए छह से अधिक बार गुहार लगाई थी। नोएडा के सेक्टर-150 में 16 जनवरी को युवराज मेहता की मौत के बाद, 4 फरवरी को यहां के लोगों ने ग्रेनो अथॉरिटी से सुरक्षा के कदम उठाने की मांग की थी। लेकिन लगता है कि अफसरों को एक और मौत का इंतजार था।

मासूम देवांश का परिवार मूल रूप से सिकंदराबाद का रहने वाला है। शनिवार शाम को बच्चा तालाब के पास खेल रहा था और अचानक वह उसमें गिर गया। घरवालों को जब वह नहीं दिखा तो उन्होंने उसे ढूंढना शुरू किया। आधे घंटे की तलाश के बाद, उन्हें वह तालाब में डूबा हुआ मिला। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी तंत्र की निष्क्रियता और लापरवाही को उजागर किया है। लोगों का गुस्सा इस बात पर है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी सुरक्षा की मांग अनसुनी कर दी गई।