तालाब की ज़मीन सरकारी नहीं, कह अथॉरिटी ने झाड़ा पल्ला

नवभारत टाइम्स

एक दुखद हादसे के बाद अथॉरिटी ने तालाब की जमीन अपनी नहीं बताई। टीम ने कहा कि यह जमीन एक किसान के नाम पर है। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें यह जानकारी क्यों नहीं दी गई। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अथॉरिटी का यह रवैया लोगों को हैरान कर रहा है।

तालाब की ज़मीन सरकारी नहीं, कह अथॉरिटी ने झाड़ा पल्ला
एक दुखद घटना में, एक बच्चे की मौत पानी से भरे गड्ढे में डूबने से हो गई। यह गड्ढा एक किसान की निजी जमीन पर था, न कि सरकारी तालाब में। इस घटना के बाद, प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और बताया कि जमीन सरकारी नहीं है। लोगों का आरोप है कि जब उन्होंने प्राधिकरण में शिकायत की थी, तब उन्हें यह नहीं बताया गया कि यह जमीन एक किसान की है।

हादसे के बाद, संबंधित वर्क सर्कल की टीम ने मौके का मुआयना किया। टीम ने स्पष्ट किया कि जिस जमीन पर यह गड्ढा था, वह एक स्थानीय किसान के नाम पर दर्ज है। यह कोई सरकारी तालाब नहीं था। इसी गड्ढे में पानी भरा हुआ था, जिसमें डूबने से बच्चे की जान चली गई।
लोगों ने इस बात पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब उन्होंने इस तालाब के बारे में अथॉरिटी में शिकायत की थी, तो उन्हें यह क्यों नहीं बताया गया कि यह सरकारी संपत्ति नहीं, बल्कि किसी किसान की निजी जमीन है।