After News Publication Gda Cleans Water Tanks In Koyal Enclave Attention Paid After Two Years
खबर छपने के बाद GDA ने कराई टंकियों की सफाई
Contributed by: ila|नवभारत टाइम्स•
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने कोयल एन्क्लेव योजना में पानी की टंकियों की सफाई कराई है। दो साल से सफाई न होने से टंकियों में कीड़े-मकोड़े गिर रहे थे और पानी का टीडीएस बढ़ गया था। एनबीटी में खबर छपने के बाद प्राधिकरण ने यह कार्रवाई की है। निवासियों ने अखबार का आभार व्यक्त किया है।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने एनबीटी में खबर छपने के बाद दो साल से उपेक्षित कोयल एन्क्लेव योजना के k11 और 12 में पानी की टंकियों की सफाई करवाई है। खुली टंकियों में कबूतर, छिपकलियां और कीड़े-मकोड़े गिरने से पानी का टीडीएस (कुल घुलित ठोस) 3300 तक पहुंच गया था। निवासियों ने एनबीटी का आभार व्यक्त किया है।
एनबीटी ने 12 फरवरी को इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। खबर छपने के बाद ही जीडीए ने इस दिशा में कदम बढ़ाया, जबकि टेंडर पहले ही हो चुका था। सुनील कुकर्म नाम के एक निवासी ने बताया कि अखबार में खबर छपने के बाद काम में तेजी आई।टंकियों की सफाई तो कर दी गई है, लेकिन उनमें ढक्कन नहीं लगाए गए हैं। यह एक गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि इससे भविष्य में भी गंदगी और कीड़े-मकोड़े गिरने का खतरा बना रहेगा। इसके अलावा, इलाके में कई सीवर और केबल शाफ्ट के ढक्कन भी खुले पड़े हैं, जो सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
पानी की टंकियों का खुला होना एक बड़ी समस्या है। जब टंकियां खुली रहती हैं, तो उनमें धूल, मिट्टी, पक्षी और कीड़े-मकोड़े आसानी से गिर जाते हैं। इससे पानी दूषित हो जाता है और पीने लायक नहीं रहता। टीडीएस का स्तर 3300 तक पहुंच जाना इस बात का प्रमाण है कि पानी कितना खराब हो चुका था। टीडीएस का मतलब होता है पानी में घुले हुए कुल ठोस पदार्थ। सामान्य पीने के पानी में टीडीएस का स्तर 500 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) से कम होना चाहिए।
निवासियों ने एनबीटी को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि अखबार में खबर छपने से उनकी समस्या का समाधान हुआ। यह दिखाता है कि मीडिया किस तरह से आम लोगों की समस्याओं को उजागर करने और उनके समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि, अभी भी ढक्कन न लगना और सीवर के ढक्कन खुले होना जैसी समस्याएं बाकी हैं, जिन पर जीडीए को ध्यान देने की जरूरत है।