गुड़गांव-फरीदाबाद-नोएडा व ग्रेनो को जोड़ेगा RRTS

नवभारत टाइम्स

गुड़गांव, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर को मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में इसकी घोषणा की। यह परियोजना एनसीआर में आरामदायक और जाम-मुक्त सफर का मार्ग प्रशस्त करेगी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम को डीपीआर बनाने का जिम्मा सौंपा गया है।

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फरीदाबाद या नोएडा काम करने वालों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में ऐलान किया है कि गुड़गांव, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले 'नमो भारत' रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर को मंजूरी मिल गई है। इससे एनसीआर में सफर आरामदायक और जाम-फ्री हो जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को इस प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का जिम्मा सौंपा गया है। यह रैपिड ट्रेन कॉरिडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ईज ऑफ लिविंग' विजन के तहत है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एनसीआरटीसी को डीपीआर बनाने के लिए कहा गया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 15 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। एनसीआरटीसी डीपीआर में रूट और स्टेशनों की जगह भी तय करेगा। इसके लिए लगभग 75 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। 'नमो भारत' आरआरटीएस कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 64 किलोमीटर होगी। शुरुआत में 10 हाई-स्पीड ट्रेनें चलेंगी, जिनमें 6 कोच होंगे। हर ट्रेन में 1928 यात्री सफर कर सकेंगे।
यह नई रैपिड ट्रेन सेवा लोगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी। खासकर उन लोगों के लिए जो हर दिन फरीदाबाद या नोएडा जैसे शहरों में काम के लिए जाते हैं। अभी इन शहरों के बीच सफर में काफी समय लगता है और जाम की समस्या भी रहती है। यह आरआरटीएस कॉरिडोर इस समस्या को खत्म करेगा और लोगों का समय बचाएगा।

इस प्रोजेक्ट को 'नमो भारत' नाम दिया गया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ईज ऑफ लिविंग' यानी जीवन को आसान बनाने के विजन से प्रेरित है। यह दिखाता है कि सरकार लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। इस कॉरिडोर के बनने से एनसीआर क्षेत्र का विकास भी तेजी से होगा।

डीपीआर तैयार होने के बाद, प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा। इसमें रूट और स्टेशनों की जगह तय की जाएगी। यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है जिसमें काफी जमीन की जरूरत होगी। ट्रेनें भी हाई-स्पीड होंगी, जिससे सफर बहुत तेज होगा। यह सब मिलकर एनसीआर के लोगों के लिए एक नई और बेहतर यात्रा का अनुभव लेकर आएगा।