फरीदाबाद व नोएडा की राह आसान, RRTS को मंज़ूरी

नवभारत टाइम्स

कामकाज के लिए फरीदाबाद या नोएडा जाने वालों के लिए अच्छी खबर है। गुड़गांव, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले ‘नमो भारत’ आरआरटीएस कॉरिडोर को मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में इसकी घोषणा की। इससे एनसीआर में सफर आसान और जाम-मुक्त होगा। यह सफर आधे घंटे में पूरा हो सकेगा।

faridabad noida route made easy namo bharat rrts corridor approved journey to be just half an hour
फरीदाबाद या नोएडा काम करने वालों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में ऐलान किया कि गुड़गांव, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले 'नमो भारत' रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर को मंजूरी मिल गई है। इससे एनसीआर में सफर आरामदायक और जाम-मुक्त हो जाएगा। अभी गुड़गांव से नोएडा जाने में 2 घंटे लगते हैं, लेकिन आरआरटीएस से यह सफर सिर्फ आधे घंटे में पूरा होगा। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि यह रैपिड ट्रेन कॉरिडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ईज ऑफ लिविंग' विजन के तहत है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को इस प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का निर्देश दिया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 15 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। एनसीआरटीसी डीपीआर में कॉरिडोर का रूट और स्टेशनों की जगह तय करेगा। इसके लिए लगभग 75 हेक्टेयर जमीन की जरूरत पड़ेगी। 'नमो भारत' आरआरटीएस कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 64 किलोमीटर होगी। शुरुआत में 10 हाई-स्पीड ट्रेनें चलेंगी, जिनमें 6 कोच होंगे। हर ट्रेन में 1928 यात्री सफर कर सकेंगे।
यह आरआरटीएस प्रोजेक्ट लोगों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे एनसीआर के शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी और लोगों का समय बचेगा। जो लोग रोजाना काम के लिए लंबी दूरी तय करते हैं, उन्हें इस सुविधा का सबसे ज्यादा फायदा होगा। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ सफर को तेज बनाएगा, बल्कि सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम करेगा।

इस प्रोजेक्ट के बारे में मुख्यमंत्री ने विधानसभा में जानकारी देते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ईज ऑफ लिविंग' यानी जीवन को सुगम बनाने के विजन के अनुरूप है। उन्होंने यह भी बताया कि डीपीआर बनाने के लिए कहा गया है, जिसमें रूट और स्टेशनों का पता लगाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट एनसीआर के विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा।