Haryana To Open Cm Shri Schools Revolution In Education On The Lines Of Pm Shri 25 Seats Reserved For Economically Weaker Sections
प्रदेश में पीएमश्री की तर्ज़ पर खोले जाएंगे ‘CM श्री’ स्कूल
नवभारत टाइम्स•
हरियाणा में अब पीएमश्री की तर्ज पर सीएमश्री स्कूल खुलेंगे। ये स्कूल अंग्रेजी माध्यम के होंगे और सीबीएसई से मान्यता प्राप्त होंगे। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी। इन स्कूलों में नई शिक्षा नीति के प्रावधान लागू होंगे। फाउंडेशनल लर्निंग, स्किल-बेस्ड लर्निंग और अनुभवात्मक शिक्षा पर जोर दिया जाएगा।
हरियाणा में अब पीएम श्री (प्राइम मिनिस्टर स्कूल्स ऑफ राइजिंग इंडिया) की तर्ज पर सीएम श्री (चीफ मिनिस्टर स्कूल्स ऑफ राइजिंग इंडिया) स्कूल खोले जाएंगे। ये सभी स्कूल अंग्रेजी माध्यम के होंगे और सीबीएसई से मान्यता प्राप्त होंगे। बुधवार को विधानसभा में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने समालखा के विधायक मनमोहन भड़ाना के एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए इन स्कूलों में 25% सीटें आरक्षित होंगी, यानी उन्हें मुफ्त शिक्षा मिलेगी। बाकी सीटों पर भी प्राइवेट स्कूलों की तुलना में फीस काफी कम रखी जाएगी।
यह घोषणा तब हुई जब बीजेपी विधायक मनमोहन भड़ाना ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों के प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूल गरीबों के लिए आरक्षित 25% सीटों पर भी एडमिशन नहीं देते और उन्होंने सदन में इसके आंकड़े भी पेश किए।पीएम श्री योजना के तहत पहले चरण में राज्य में 124 स्कूल खोले गए थे और दूसरे चरण में 128 स्कूल स्थापित किए गए थे। आने वाले समय में पीएम श्री स्कूलों की संख्या और बढ़ेगी। सीएम श्री योजना के तहत भी नए स्कूल खोले जाएंगे। हालांकि, सरकार नए स्कूल बनाने की बजाय मौजूदा सरकारी स्कूलों को ही अपग्रेड करके उन्हें पीएम श्री और सीएम श्री का दर्जा देगी।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने यह भी स्पष्ट किया कि प्राइवेट स्कूलों को अपनी खाली सीटों का ब्यौरा सार्वजनिक करना होता है। नियमों का उल्लंघन करने वाले कई स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्राइवेट स्कूल संचालकों ने अनदेखी की तो उनकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
सीएम श्री स्कूल योजना भी पीएम श्री की तरह ही हरियाणा के स्कूलों की तस्वीर बदलेगी। इन स्कूलों में नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के सभी प्रावधान लागू किए जाएंगे। इसका मतलब है कि बच्चों को नई शिक्षा नीति के हिसाब से पढ़ाया जाएगा। इन स्कूलों में बच्चों की नींव मजबूत करने वाली पढ़ाई (फाउंडेशनल लर्निंग) पर खास ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, स्किल-बेस्ड लर्निंग यानी हुनर सिखाने वाली पढ़ाई, कई भाषाओं में पढ़ाने की सुविधा (मल्टी-लैंग्वेज टीचिंग), कला और खेल को पढ़ाई में शामिल करना (आर्ट/स्पोट्र्स-इंटीग्रेटेड एजुकेशन) और करके सीखने पर जोर (एक्सपीरिएंशल लर्निंग) दिया जाएगा।
यह कदम बच्चों को बेहतर शिक्षा देने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अंग्रेजी माध्यम और सीबीएसई से मान्यता मिलने से इन स्कूलों के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी। वहीं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को मुफ्त शिक्षा का अवसर मिलना उनके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। सरकार का यह प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में समानता लाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।