Important Tax Rules For Tenants And Companies New Strictness On Hra Pan Card And Foreign Earnings
अहम बातें
नवभारत टाइम्स•
किरायेदारों और मकान मालिकों को अब अपना रिश्ता बताना होगा। फर्जी किराये की रसीदों पर रोक लगेगी। कंपनियों को एक से अधिक पैन कार्ड न होने का लिखित प्रमाण देना होगा। विदेशी कमाई पर टैक्स छूट के लिए पुख्ता सबूत और ऑडिट जरूरी होगा। ऑडिट में गड़बड़ी मिलने पर टैक्स देनदारी पर सीधा असर पड़ेगा।
सरकार ने टैक्स चोरी रोकने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। अब HRA क्लेम करने के लिए किरायेदार और मकान मालिक का रिश्ता बताना होगा, जिससे फर्जी रसीदों पर लगाम लगेगी। साथ ही, कंपनियों को यह साबित करना होगा कि उनके पास एक से ज़्यादा पैन कार्ड नहीं हैं। विदेशी कमाई पर टैक्स छूट के लिए अब ज़्यादा पुख्ता सबूत और ऑडिटर्स की जांच ज़रूरी होगी। अगर ऑडिटर कंपनी के खातों में कोई गड़बड़ी पाते हैं, तो इसका सीधा असर उनकी टैक्स देनदारी पर पड़ेगा।
HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस। अगर आप किराए के मकान में रहते हैं और उसका किराया देते हैं, तो आप टैक्स में छूट पा सकते हैं। लेकिन अब सरकार ने इसे और सख्त कर दिया है। आपको यह बताना होगा कि आप मकान मालिक के कौन लगते हैं। इससे यह पता चलेगा कि किराया असली है या सिर्फ टैक्स बचाने के लिए बनाया गया है।कंपनियों के लिए भी नियम कड़े हो गए हैं। अब उन्हें लिखित में देना होगा कि उनके पास पहले से कोई पैन कार्ड नहीं है। पैन कार्ड यानी परमानेंट अकाउंट नंबर। यह हर व्यक्ति और कंपनी के लिए एक पहचान पत्र की तरह होता है। एक से ज़्यादा पैन कार्ड रखना नियमों के खिलाफ है।
अगर कोई कंपनी विदेश से कमाई करती है और उस पर टैक्स में छूट चाहती है, तो उसे अब ज़्यादा सबूत देने होंगे। साथ ही, ऑडिटर यानी चार्टर्ड अकाउंटेंट से जांच करानी होगी। यह सब इसलिए ताकि टैक्स चोरी को रोका जा सके।
सबसे अहम बात यह है कि अगर कंपनी के खातों में ऑडिटर कोई गड़बड़ी पकड़ता है, तो इसका सीधा असर कंपनी को कितना टैक्स देना है, इस पर पड़ेगा। यानी, टैक्स की देनदारी बढ़ सकती है। यह सब नए नियम टैक्स सिस्टम को और पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए लाए गए हैं।