पीटीआई, नई दिल्ली : अमेरिका ने भारत से आने वाले कुछ सोलर सामानों पर 125.87% की शुरुआती काउंटरवेलिंग ड्यूटी (एक तरह का सुरक्षा टैक्स) लगाने का ऐलान किया है। अमेरिका ने भारत सरकार की ओर से इंडस्ट्री को दी जा रही सहायता को मुद्दा बनाया है। लेकिन भारतीय सोलर दिग्गजों ने साफ कर दिया है कि वे इसके लिए पहले से तैयार थे। विक्रम सोलर, वारी और प्रीमियर एनर्जीज जैसी बड़ी कंपनियों का कहना है कि उनकी सप्लाई चेन और बिजनेस मॉडल इतने मजबूत हैं कि इस फैसले का उनके काम पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
भारत की ताकत?
भारत अपने देश में रिन्यूएबल एनर्जी के उत्पादन को बढ़ाने और विदेशों पर निर्भरता कम करने के लिए कई कदम उठा रहा है। इसमें सोलर एनर्जी सबसे अहम है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सोलर पावर पैदा करने वाला देश है। भारत के सोलर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सोलर मॉड्यूल, सोलर सेल्स, इंगोट्स और वेफर्स जैसी अहम चीजें शामिल हैं। देश के अंदर ही इन्हें बनाने से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और विदेशों पर निर्भरता कम होती है।



