बैंकों के ‘डार्क पैटर्न’ खेल से ग्राहक परेशान : सर्वे

नवभारत टाइम्स

ग्राहकों को ऑनलाइन बैंकिंग में 'डार्क पैटर्न' से परेशानी हो रही है। लोकलसर्कल्स के सर्वे में ड्रिप प्राइसिंग और बास्केट स्नीकिंग जैसी शिकायतें सामने आई हैं। रिजर्व बैंक ने बैंकों को जुलाई 2026 तक इन भ्रामक तरीकों से मुक्त होने का आदेश दिया है। यह फैसला ग्राहकों के हित में है।

rbi tightens grip on banks dark patterns relief for customers freedom by 2026

NBT रिपोर्ट :LocalCircles के सर्वे के मुताबिक ग्राहकों ने ऑनलाइन बैंकिंग प्लैटफॉर्म पर 8 अलग-अलग तरह के डार्क पैटर्न्स की शिकायत की है। इनमें ड्रिप प्राइसिंग (छिपे हुए चार्ज), बास्केट स्नीकिंग (बिना बताए कुछ जोड़ देना) और फोर्स्ड एक्शन सबसे आम हैं, जिनका सामना हर दो में से एक ग्राहक को करना पड़ रहा है। रिजर्व बैंक का फैसला पूरी तरह ग्राहकों के हक में है। हालांकि, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि कई बैंक आज भी पुराने और सुस्त ढर्रे पर चल रहे हैं। रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों के लिए जुलाई 2026 तक 'डार्क पैटर्न' (ग्राहकों को गुमराह करने वाले तरीके) से मुक्त होना अनिवार्य कर दिया है।