लापरवाही से गाड़ी चलाने का आरोप, थार चालक पर FIR

नवभारत टाइम्स

फरीदाबाद में सिरोही गांव की पहाड़ियों में थार गाड़ी 50 फुट गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में एक किशोर वेदांग बाबू उर्फ सोहन की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के पिता की शिकायत पर चालक विकास के खिलाफ केस दर्ज किया है। हादसे में घायल दो अन्य युवकों की हालत गंभीर है।

teen dies due to rash driving of thar fir registered against driver
फरीदाबाद के धौज थाना क्षेत्र में सिरोही गांव की पहाड़ियों में थार गाड़ी के 50 फुट गहरी खाई में गिरने से एक किशोर की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक वेदांग बाबू उर्फ सोहन के पिता की शिकायत पर चालक विकास के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। हादसे में घायल चालक विकास और उसका साथी हिम्मत की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें अलफला मेडिकल कॉलेज से रेफर किया गया है। पुलिस थार गाड़ी के असली मालिक और चालक विकास के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच कर रही है। घायलों के बयान दर्ज होने के बाद ही हादसे के कारणों का खुलासा हो पाएगा।

यह दर्दनाक हादसा मंगलवार दोपहर को हुआ जब चार दोस्त थार गाड़ी में घूमने निकले थे। सिरोही गांव की पहाड़ियों में वे एक गहरी खाई के पास पहुंच गए। बताया जा रहा है कि रील बनाते समय गाड़ी का बैक गियर लग गया और थार करीब 50 फुट नीचे खाई में जा गिरी। इस हादसे में 15 वर्षीय सोहन के सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई, जबकि चालक विकास, हिम्मत और विक्रम घायल हो गए।
मृतक सोहन के पिता प्रमोद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका छोटा बेटा सोहन मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे अपने दोस्तों विकास, हिम्मत और विक्रम के साथ विकास द्वारा लाई गई थार में घूमने गया था। पिता का आरोप है कि विकास शुरुआत से ही गाड़ी तेज और लापरवाही से चला रहा था। सिरोही झील के पास पहुंचने पर तेज रफ्तार के कारण गाड़ी असंतुलित होकर खाई में गिर गई। इस हादसे में सोहन की मौत हो गई, जबकि अन्य युवक घायल हो गए। जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर संजय कुमार ने बताया कि विकास के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और साथियों से पूछताछ की जा रही है।

परिजनों का आरोप है कि विकास पहले भी कई बार सोहन को अपने साथ घुमाने ले जाता था। उन्होंने उसे बच्चों से दूर रहने की चेतावनी भी दी थी, लेकिन जब माता-पिता ड्यूटी पर होते थे तो वह घर आकर सोहन को अपने साथ ले जाता था। सोहन नौवीं कक्षा का छात्र था। सोमवार को उसका पेपर था और मंगलवार को अवकाश होने के कारण वह दोस्तों के साथ निकल गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि विकास कॉलोनी के युवकों को दुबई में नौकरी दिलाने का झांसा देता था और अक्सर अलग-अलग गाड़ियों, कभी थार, कभी बुलेट, कभी ट्रैक्टर के साथ नजर आता था। गाड़ी किसकी होती थी, इसकी जानकारी नहीं है। पुलिस हर एंगल पर जांच कर रही है।

इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। सोहन के पिता प्रमोद का कहना है कि "विकास की गलती से गई बेटे की जान"। उन्होंने पुलिस को बताया कि विकास शुरुआत से ही गाड़ी तेज और लापरवाही से चला रहा था। सिरोही झील के पास पहुंचने पर तेज रफ्तार के कारण गाड़ी असंतुलित होकर खाई में गिर गई।

पुलिस अब थार गाड़ी के असली मालिक का पता लगाने की कोशिश कर रही है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी विकास के पास ड्राइविंग लाइसेंस था या नहीं। पुलिस का कहना है कि दोनों घायलों के बयान दर्ज होने के बाद ही हादसे के सही कारणों का पता चल सकेगा। इस बीच, घायल विकास और हिम्मत की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।

यह घटना एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने के खतरों को उजागर करती है। खासकर युवाओं को इस तरह के हादसों से बचने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। रील बनाने के चक्कर में जान जोखिम में डालना और भी खतरनाक साबित हो सकता है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।