Deeg School Creates History By Securing First Place In School Leadership In The State
डीग स्कूल का लीडरशिप में पहला स्थान
नवभारत टाइम्स•
फरीदाबाद जिले के डीग गांव के राजकीय माध्यमिक विद्यालय ने स्कूल नेतृत्व में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। विद्यालय की 'समुदाय की सहभागिता से विद्यालय विकास' थीम को राज्य स्तरीय चयन समिति ने सराहा। शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय के संयुक्त प्रयासों से यह उपलब्धि मिली है। यह मॉडल अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणा बनेगा।
फरीदाबाद के डीग गांव के राजकीय माध्यमिक विद्यालय ने स्कूल नेतृत्व के क्षेत्र में पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। 'समुदाय की सहभागिता से विद्यालय विकास' की थीम पर आधारित इस विद्यालय के काम ने राज्य स्तरीय चयन समिति को खूब प्रभावित किया। यह उपलब्धि एससीईआरटी गुरुग्राम में DCSL (डिस्ट्रिक्ट कैपेसिटी सपोर्ट लीडरशिप) के तहत आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान हासिल हुई, जहाँ हरियाणा के 22 जिलों के नोडल अधिकारियों के लिए प्रदेश भर के स्कूलों के बेहतरीन कामों के वीडियो दिखाए गए थे। फरीदाबाद जिले के डीग विद्यालय का वीडियो सबसे अच्छा चुना गया।
विद्यालय के शिक्षक रागु वत्स ने बताया कि उनके वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे स्कूल का प्रशासन, शिक्षक, माता-पिता और स्थानीय लोग मिलकर स्कूल के पढ़ाई-लिखाई, बिल्डिंग और दूसरी गतिविधियों को बेहतर बनाने में अपना योगदान दे रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि यह सब टीम वर्क और लोगों के साथ मिलकर काम करने का नतीजा है।शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि डीग विद्यालय का यह तरीका दूसरे स्कूलों के लिए भी एक मिसाल बनेगा। उन्होंने कहा कि यह मॉडल दूसरे स्कूलों को भी प्रेरित करेगा कि वे भी अपने समुदाय को साथ लेकर स्कूल को कैसे आगे बढ़ा सकते हैं।
यह कार्यशाला DCSL के तहत आयोजित की गई थी। DCSL का मतलब है 'डिस्ट्रिक्ट कैपेसिटी सपोर्ट लीडरशिप'। इसका मकसद जिलों में स्कूल लीडरशिप को मजबूत करना है। इस कार्यशाला में प्रदेश के सभी 22 जिलों के नोडल अधिकारी शामिल हुए थे। उन्होंने अपने-अपने जिलों के स्कूलों में स्कूल नेतृत्व के क्षेत्र में किए गए अच्छे कामों के वीडियो प्रस्तुत किए।
राज्य स्तरीय चयन समिति ने इन वीडियो को देखा और सबसे बेहतरीन काम करने वाले स्कूल को चुना। फरीदाबाद के डीग गांव के राजकीय माध्यमिक विद्यालय ने अपनी 'समुदाय की सहभागिता से विद्यालय विकास' की थीम के साथ बाजी मारी। इस थीम का मतलब है कि स्कूल के विकास में समुदाय के लोगों की भागीदारी कितनी जरूरी है।
विद्यालय के शिक्षकों ने इस सफलता का श्रेय स्कूल के सभी लोगों को दिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कुछ लोगों का काम नहीं है, बल्कि यह एक सामूहिक प्रयास है। जब स्कूल का प्रशासन, शिक्षक, अभिभावक और स्थानीय समुदाय एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो स्कूल का शैक्षणिक, भौतिक और सह-शैक्षणिक विकास बहुत अच्छे से होता है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि डीग विद्यालय का यह मॉडल दूसरे स्कूलों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा। यह दिखाता है कि कैसे समुदाय की भागीदारी से स्कूलों में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं।