Investor Exodus From Stocks Whats Next Know Expert Opinion
आगे क्या होगा?
नवभारत टाइम्स•
शेयरों से निवेशकों का यह पलायन अस्थायी है। बाजार में सुधार और विकास दिखने पर निवेशक फिर से शेयरों में पैसा लगाएंगे। वेल्थ मैनेजर बताते हैं कि संस्थागत निवेशक कीमती धातुओं में सीमित निवेश रखते हैं। इससे अधिक निवेश पोर्टफोलियो को सीमित कर देता है। यह स्थिति जल्द ही बदलेगी।
निवेशक फिलहाल शेयरों से थोड़ा दूर जा रहे हैं, लेकिन यह स्थिति अस्थायी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे ही बाजार में सुधार होगा और आर्थिक विकास के संकेत दिखेंगे, निवेशक फिर से शेयरों में पैसा लगाना शुरू कर देंगे। वेल्थ मैनेजर्स के अनुसार, बड़े निवेशक अपने पोर्टफोलियो का केवल 5 से 15% ही कीमती धातुओं जैसे सोना-चांदी में लगाते हैं। इससे ज्यादा निवेश करने पर उनका पूरा पैसा एक ही जगह फंस जाता है।
गुप्ता का कहना है कि निवेशकों का शेयरों से दूर जाना सिर्फ कुछ समय के लिए है। जैसे ही मार्केट में वापसी होगी और ग्रोथ दिखेगी, लोग फिर से शेयरों की तरफ लौटेंगे। वेल्थ मैनेजर्स का कहना है कि संस्थागत निवेशक कीमती धातुओं में 5 से 15% तक ही निवेश रखते हैं। इससे ज्यादा पैसा लगाने से पोर्टफोलियो एक ही जगह सिमट जाता है।इसका मतलब है कि बड़े निवेशक भी कीमती धातुओं में बहुत ज्यादा पैसा नहीं लगाते। वे अपने निवेश को अलग-अलग जगहों पर फैलाकर रखते हैं ताकि जोखिम कम हो। जब शेयर बाजार में तेजी आती है, तो लोग सोना-चांदी जैसी सुरक्षित जगहों से पैसा निकालकर शेयरों में लगाते हैं। लेकिन जब बाजार गिरता है, तो वे फिर से कीमती धातुओं की ओर रुख करते हैं। यह एक सामान्य प्रक्रिया है।