जल संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। यदि आज हम जल का संरक्षण करेंगे, तभी भविष्य सुरक्षित रह सकेगा। हमें अपनी प्राचीन जल संस्कृति से प्रेरणा लेते हुए वैज्ञानिक जल प्रबंधन को अपनाना होगा। जल संकट का स्थायी समाधान केवल जागरूकता से नहीं, बल्कि ठोस प्रयासों से संभव है। शहरों में अपशिष्ट जल का शोधन और पुनः उपयोग बढ़ाया जाना चाहिए। साथ ही औद्योगिक प्रदूषण पर सख्त नियंत्रण जरूरी है। आइए संकल्प लें कि जल की हर बूंद बचाएंगे और प्रकृति के प्रति अपने दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। पानी बचाना ही भविष्य बचाना है। -अंजनी कुमार दाधीच, ईमेल से





