POS मशीन से सत्यापन के बाद ही मिलेगा DAP और यूरिया

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पलवल में किसानों को डीएपी और यूरिया खाद के लिए अब लाइनों में लगना होगा। आधार कार्ड, जमीन की फर्द और मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण के बाद ही पीओएस मशीन पर अंगूठे का सत्यापन कराने पर खाद मिलेगा। सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि केवल पंजीकृत किसानों को ही खाद दें।

dap and urea will be available only after verification from pos machine farmers will get relief

n NBT न्यूज, पलवल

किसानों को एक बार फिर डीएपी और यूरिया खाद के लिए लाइनों में खडा होना पड़ेगा। आधार कार्ड और जमीन की फर्द दिखाने के साथ-साथ मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल में पंजीकरण एवं पीओएस मशीन पर सत्यापन के बाद ही किसानों को खाद मिलेगा। खाद के साथ टैगिंग भी की जाएगी। किसानों को मार्केट में खाद नहीं मिल रहा है। धान की फसल के लिए किसानों ने खाद की खरीद शुरू कर दी लेकिन, बाजार में खाद नहीं मिल रहा है।

‘पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को ही केवल खाद दिया जाए’ : कृषि उप निदेशक डॉ. बाबू लाल ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार जिले में उपलब्ध खाद का 60 प्रतिशत हिस्सा सहकारी समितियों एवं पैक्स के माध्यम से और 40 प्रतिशत हिस्सा निजी खाद विक्रेताओं के माध्यम से वितरित किया जाएगा। सहकारी समितियों में अभी तक खाद का एक कट्टा भी नहीं आया है। वहीं खाद विक्रेताओं को भी निर्देश दिए कि मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को ही केवल खाद दिया जाए। खाद वितरण के समय किसान का पीओएस मशीन पर अंगूठे के माध्यम से सत्यापन अनिवार्य किया गया है। खाद विक्रेता निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना किसी किसान को खाद उपलब्ध करवाता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

किसानों को खाद के साथ जबरन दवाइयां, कीटनाशक दिए जा रहे हैं : किसानों को खाद के साथ जबरन दवाइयां, कीटनाशक दिए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी दुकानों का निरीक्षण भी कर रहे हैं। खरीफ सीजन में धान की रोपाई का कार्य प्रारंभ हो चुका है। किसान डीएपी एवं यूरिया उर्वरकों का व्यापक रूप से उपयोग करने के लिए खरीद रहे हैं। कृषि उप निदेशक ने बताया कि जिले की खरीफ फसलों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 9 हजार 800 मीट्रिक टन डीएपी व 27 हजार 500 मीट्रिक टन यूरिया की मांग सरकार को भेजी गई है।