n NBT न्यूज, ग्रेटर नोएडा
राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में पिछले चार दिनों से जारी आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल ने जहां एक तरफ स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह वेंटिलेटर पर ला दिया है, वहीं दूसरी तरफ गंभीर संकट के बावजूद समाधान न निकाल पाने की अस्पताल प्रबंधन की ढिलाई को भी उजागर कर दिया है। कोरोना काल में जान जोखिम में डालने वाले इन 700 से अधिक कर्मचारियों की सुध लेने और समय रहते बीच का रास्ता निकालने के बजाय प्रबंधन की टालमटोल नीति का खामियाजा अब सीधे तौर पर उन लाचार मरीजों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें गंभीर हालत में भी डॉक्टरों और इलाज के अभाव में बैरंग लौटना पड़ रहा है।
पुलिस-प्रशासन के दखल के बाद भी नहीं बनी बात
जिम्स में गुरुवार को चौथे दिन भी आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों का धरना और कार्य बहिष्कार जारी रहा। नियमित करने की मांग पर अड़े 700 से अधिक कर्मचारियों और अस्पताल प्रबंधन के बीच का गतिरोध अब पुलिस-प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद भी सुलझता नहीं दिख रहा है। गुरुवार को धरनास्थल पर भारी पुलिस बल की तैनाती और तीखी नोकझोंक के बीच दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।






