Dwarka Expressway Tunnel Traffic Jams For Hours Drivers Troubles Increase Demand For Solution
द्वारका एक्सप्रेसवे टनल पर घंटों फंस रहे वाहन चालक, समाधान की मांग
नवभारत टाइम्स•
द्वारका एक्सप्रेसवे की टनल ड्राइवरों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। टनल में घुसने के बाद दो किलोमीटर तक लंबा जाम लग जाता है। डिजिटल साइन बोर्ड समय पर जाम की जानकारी नहीं देते। इससे वाहन चालक दूसरा रास्ता नहीं चुन पाते। लोगों का कहना है कि हाई-टेक सिस्टम होने के बावजूद लाइव अपडेट नहीं मिलते।
गुड़गांव में द्वारका एक्सप्रेसवे की टनल लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। टनल में घुसते ही दो किलोमीटर तक लंबा जाम लग जाता है। इसकी वजह यह है कि टनल के बाहर लगे डिजिटल साइन बोर्ड समय पर जाम की जानकारी नहीं देते। इससे लोग टनल में फंसने के बाद ही जाम की असली स्थिति समझ पाते हैं। सोसायटी के लोग और गाड़ी चलाने वाले चाहते हैं कि टनल में घुसने से पहले ही उन्हें जाम की जानकारी मिल जाए, ताकि वे दूसरा रास्ता चुन सकें। लोगों का सवाल है कि जब एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है, तो बोर्ड पर लाइव अपडेट क्यों नहीं दिखते? कई बार तो ये बोर्ड बंद रहते हैं या सामान्य संदेश दिखाते रहते हैं।
द्वारका एक्सप्रेसवे के पास रहने वाले लोगों और रोज़ाना इस रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जैसे ही गाड़ियां टनल में उतरती हैं, दो किलोमीटर तक लंबी कतार लग जाती है। यह स्थिति लोगों के लिए राहत से ज़्यादा मुसीबत बन गई है।समस्या यह है कि टनल के बाहर लगे डिजिटल साइन बोर्ड जाम की जानकारी समय पर नहीं देते। सोसायटी वासियों और वाहन चालकों का कहना है कि अगर टनल में घुसने से पहले ही यह साफ संदेश मिल जाए कि आगे ट्रैफिक धीमा है या जाम लगा है, तो चालक दूसरा रास्ता चुन सकते हैं। अभी हालात ऐसे हैं कि वाहन अंदर फंसने के बाद ही उन्हें असली स्थिति का पता चलता है। ऐसे में हाई-टेक सिस्टम होने का कोई फायदा नजर नहीं आता।
लोगों का सीधा सवाल है कि जब एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (Advanced Traffic Management System) लगाया गया है, तो इन बोर्डों पर लाइव अपडेट क्यों नहीं दिखते? कई बार तो ये बोर्ड बंद पाए जाते हैं या फिर उन पर सामान्य संदेश चलते रहते हैं, जो किसी काम के नहीं होते।