निगम एरिया में चार लाख पानी के कनेक्शन, इनमें आधे अवैध

नवभारत टाइम्स

गुड़गांव नगर निगम पानी बिल वसूली में घाटे का सामना कर रहा है। शहर में चार लाख पानी कनेक्शनों में से आधे से ज्यादा अवैध हैं। निगम जल्द ही अवैध कनेक्शनों को वैध करने के लिए एक अभियान चलाएगा। इसके लिए पहले सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। लोग ऑनलाइन आवेदन कर मीटर लगवा सकते हैं।

more than half of water connections in gurgaon nigam are illegal leading to losses of lakhs
गुड़गांव नगर निगम पानी के बिलों की वसूली में भारी घाटे का सामना कर रहा है। निगम पानी के लिए जीएमडीए को हर महीने 12 करोड़ रुपये से ज्यादा दे रहा है, लेकिन बिलों से सिर्फ 6 करोड़ रुपये ही वसूल हो पा रहे हैं। इस बड़े अंतर की मुख्य वजह शहर में तेजी से बढ़ते अवैध पानी के कनेक्शन हैं। अवैध कनेक्शनों के कारण निगम को पानी तो पूरा पहुंचाना पड़ रहा है, लेकिन कमाई बहुत कम हो रही है।

जानकारी के मुताबिक, गुड़गांव नगर निगम क्षेत्र में करीब चार लाख प्रॉपर्टी आईडी हैं, जिनमें कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और रेजिडेंशियल इलाके शामिल हैं। इसका मतलब है कि लगभग चार लाख पानी के कनेक्शन होने चाहिए। लेकिन, नगर निगम के पास केवल एक लाख 95 हजार कनेक्शन ही दर्ज हैं। इससे साफ है कि शहर के आधे से ज्यादा पानी के कनेक्शन अवैध हैं।
हाल ही में, अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक के बिलों से नगर निगम को करीब 52 करोड़ रुपये की पेमेंट मिली है। इस घाटे से निपटने के लिए, नगर निगम जल्द ही एक बड़ा अभियान चलाने वाला है। इस अभियान का मकसद अवैध पानी और सीवर कनेक्शनों को वैध बनाना है। इससे पहले, निगम एक सर्वे कराएगा ताकि अवैध कनेक्शनों की पूरी रिपोर्ट तैयार की जा सके।

अगर आप अपने पानी कनेक्शन को वैध कराना चाहते हैं, तो आप नगर निगम की वेबसाइट Mcg.Gov.In पर जाकर वाटर सर्विसेज में मीटर के लिए आवेदन कर सकते हैं। नगर निगम के एग्जिक्यूटिव इंजीनियर प्रदीप कुमार ने बताया कि पानी के लिए मीटर लगाने का यह अभियान जल्द ही शुरू होगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। अवैध कनेक्शनों का पता लगाने के लिए सर्वे का काम भी चल रहा है।

यह स्थिति "आमदनी अठ्न्नी खर्चा रुपया" वाली कहावत को सटीक रूप से दर्शाती है। निगम पानी की सप्लाई पर भारी खर्च कर रहा है, लेकिन बिलों की वसूली में पिछड़ रहा है। अवैध कनेक्शनों की वजह से पानी की बर्बादी भी हो रही है और निगम को राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। इस समस्या को दूर करने के लिए अवैध कनेक्शनों को वैध बनाना और नए मीटर लगाना एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे निगम की आय बढ़ेगी और पानी की सप्लाई व्यवस्था भी सुधरेगी। यह अभियान शहर के नागरिकों के लिए भी फायदेमंद होगा, क्योंकि वे कानूनी तरीके से पानी की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।