तीन महीने से नहीं मिल रहा राशन, लोग परेशान

नवभारत टाइम्स

नूंह के खेड़ली कलां गांव में लोग तीन महीने से राशन के लिए परेशान हैं। जरूरतमंद परिवारों को डिपो से अनाज नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। डिपो धारक का लाइसेंस रद्द होने के बाद भी राशन वितरण की बात सामने आ रही है। मामले की जांच की जाएगी।

nuh khedli kalan residents troubled by not receiving ration for three months depot holder accused of collusion
नूंह के खेड़ली कलां गांव में पिछले तीन महीनों से जरूरतमंद परिवारों को राशन नहीं मिल रहा है। ग्रामीण बार-बार राशन डिपो के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि डिपो धारक उमर मोहम्मद मिलीभगत से राशन नहीं बांट रहा है, जबकि विभागीय अधिकारियों ने उसका लाइसेंस रद्द करने के बाद भी वह राशन बांट रहा है।

खेड़ली कलां गांव के तौफीक, साजिद, हकीमुद्दीन, सलमू, जमील और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे हर महीने राशन डिपो पर जाकर वितरण मशीन में अंगूठा लगवाते हैं। इसके बावजूद उन्हें अनाज नहीं दिया जाता। गांव में दो राशन डिपो हैं, लेकिन उमर मोहम्मद के डिपो से पिछले तीन महीनों से किसी को भी राशन नहीं मिला है। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत खाद्य व आपूर्ति विभाग से भी की है।
शिकायत के बाद अधिकारियों ने डिपो धारक उमर मोहम्मद का लाइसेंस रद्द कर दिया था। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि लाइसेंस रद्द होने के बाद भी उमर मोहम्मद राशन बांट रहा है। इस पर डीएफएससी सीमा शर्मा ने कहा कि शिकायत के आधार पर डिपो धारक उमर मोहम्मद का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उमर मोहम्मद किसी और की मशीन से राशन वितरण कर रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी।

ग्रामीणों का कहना है कि वे बार-बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। वे चाहते हैं कि उन्हें उनका हक मिले और जो लोग भ्रष्टाचार कर रहे हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई हो। यह स्थिति उन गरीब परिवारों के लिए बहुत मुश्किल खड़ी कर रही है, जिनके लिए राशन जीवन यापन का एकमात्र सहारा है।