पाक-अफगान सीमा पर हिंसा, संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता

नवभारत टाइम्स

पाक-अफगान सीमा पर हिंसा बढ़ रही है। संयुक्त राष्ट्र ने इस पर गहरी चिंता जताई है। आम लोगों की जान जा रही है और वे बेघर हो रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत से समाधान निकालने की अपील की है। सीमा पार गोलाबारी और हवाई हमलों से कई प्रांतों में नुकसान हुआ है।

un concerned over violence on pak afghan border expresses worry over civilian deaths and displacement
काबुल: अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर बढ़ते हमलों से आम लोगों की जान जा रही है और वे बेघर हो रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञ रिचर्ड बेनेट ने इस चिंता को फिर से जताया है। उन्होंने अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) की चिंताओं का भी समर्थन किया है। बेनेट ने दोनों देशों से कहा है कि वे बहुत संयम बरतें और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का पूरा पालन करें। उनका कहना है कि बातचीत ही इस समस्या का एकमात्र स्थायी हल है।

बेनेट ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ती दुश्मनी, जिससे भारी नागरिक हताहत और विस्थापन हुआ है, उसको लेकर यूएनएएमए की गहरी चिंता से सहमत हूं। सभी पक्ष अधिकतम संयम बरतें और आईएचआरएल तथा आईएचएल का सम्मान करें। संवाद ही एकमात्र स्थायी रास्ता है।’
यूएनएएमए ने भी सीमा पर हो रही झड़पों को तुरंत रोकने की अपनी अपील दोहराई है। मिशन ने 26 फरवरी से 2 मार्च के बीच अफगानिस्तान में कम से कम 146 नागरिकों के हताहत होने की जानकारी दी है। इनमें 42 लोगों की मौत हो गई और 104 घायल हुए। मरने वालों और घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। यूएनएएमए ने बताया कि ये नागरिक हताहत सीमा पार से की गई गोलाबारी के कारण हुए। इस गोलाबारी से पकत्या, पक्तिका, नंगरहार, कुनार और खोस्त प्रांतों के रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा, पक्तिका और नंगरहार प्रांतों में हवाई हमलों से भी लोग हताहत हुए।

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इन झड़पों के बाद पकत्या, पक्तिका, नंगरहार, कुनार और खोस्त प्रांतों में करीब 16,400 परिवार अपना घर छोड़कर चले गए हैं। यानी वे बेघर हो गए हैं। यह स्थिति बहुत चिंताजनक है क्योंकि इससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। सीमा पर लगातार हो रही हिंसा के कारण लोगों की जान और माल दोनों को खतरा है। संयुक्त राष्ट्र इस मामले में दोनों देशों से शांति बनाए रखने और बातचीत से हल निकालने की अपील कर रहा है।