परिवार संग बाथरूम में बंद रहा, तो कोई रस्सी के सहारे उतरा

नवभारत टाइम्स

टीएचएखोड़ा की एक रिहायशी इमारत में आग लग गई। आग लगने से करीब 150 लोग ढाई घंटे तक फंसे रहे। बाहर निकलने का रास्ता बंद होने के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। कुछ लोगों ने तो रस्सी के सहारे नीचे उतरकर जान बचाई। एक परिवार तो बाथरूम में छिप गया था। आग पार्किंग में खड़ी बाइक से लगी थी।

ghaziabad fire in building people trapped in bathroom with family some descended using rope
टीएचएखोड़ा में 44 फ्लैट वाली एक इमारत में आग लगने से हड़कंप मच गया। आग शॉर्ट सर्किट से पार्किंग में खड़ी एक बाइक में लगी, जो देखते ही देखते 40 से ज्यादा दोपहिया वाहनों तक फैल गई। आग की लपटों और धुएं के कारण करीब ढाई घंटे तक 150 से ज्यादा लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करते रहे। बाहर निकलने का रास्ता आग की चपेट में होने के कारण लोग फंस गए थे। पहली और दूसरी मंजिल के कुछ लोगों ने तो रस्सी के सहारे नीचे उतरने की हिम्मत की, जबकि कई परिवार बाथरूम में छिपकर जान बचाने की कोशिश करते रहे।

यह दर्दनाक घटना टीएचएखोड़ा में हुई, जहां एक रिहायशी इमारत में अचानक आग लग गई। आग की शुरुआत पार्किंग में खड़ी एक बाइक से हुई, जिसमें शॉर्ट सर्किट हुआ था। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पार्किंग में खड़े 40 से ज्यादा दोपहिया वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें और घना धुआं तेजी से इमारत के फ्लैटों में घुसने लगा।
इस आग के कारण इमारत में रहने वाले करीब 150 से ज्यादा लोग ढाई घंटे तक दहशत में रहे। कई लोग तो सो रहे थे या टीवी देख रहे थे, जब आग लगी। धुएं के कारण उन्हें सांस लेने में भी भारी परेशानी हो रही थी। सबसे बड़ी मुश्किल यह थी कि बाहर निकलने का रास्ता ही आग की लपटों से घिरा हुआ था, जिससे बाहर निकलना नामुमकिन हो गया था।

ऐसे में, पहली और दूसरी मंजिल पर रहने वाले कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाई और रस्सी के सहारे नीचे उतरने लगे। इमारत की पहली मंजिल पर एक कोचिंग सेंटर भी है, जिसका रास्ता अलग से है। भूतल पर पीछे की ओर पार्किंग और सामने चार दुकानें हैं। दुकानों के बगल से ही इमारत में जाने के लिए सीढ़ियां हैं, जहां पार्किंग भी है।

इमारत की पांचवीं मंजिल पर मां और भाई के साथ रहने वाली पुष्पा महतो ने बताया कि दूसरी मंजिल पर उनके बड़े भाई गौतम अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते थे। वे रस्सी के सहारे नीचे उतरे। उनका छोटा भाई कन्हैया तीसरी मंजिल पर परिवार के साथ रहता था। आग लगने पर वह अपने परिवार के साथ बाथरूम में छिप गया था। पुष्पा ने बताया कि उन्होंने भी अपनी मां और भाई के साथ बाथरूम में छिपकर जान बचाई। उन्होंने तो जीने की उम्मीद ही छोड़ दी थी।