Holis Color A Confluence Of Joy Fun And Brotherhood In Ghaziabad
होली पर मस्ती, रंगों की बौछार ने भिगोया
Contributed by: ila|नवभारत टाइम्स•
गाजियाबाद जिले में होली का पर्व धूमधाम से मनाया गया। बुधवार सुबह से ही सोसायटियों, कॉलोनियों और पार्कों में रंगों का उत्साह दिखा। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी होली के रंग में रंगे नजर आए। पारंपरिक धुनों पर लोगों ने जमकर डांस किया। डीजे और रेन डांस का भी आयोजन हुआ।
गाजियाबाद, होली के रंग में रंगा: पूरे जिले में उल्लास, भाईचारे का संदेश
गाजियाबाद में होली का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। बुधवार को पूरा जिला रंगों और खुशियों में सराबोर दिखा। सुबह से ही सोसायटियों, कॉलोनियों और पार्कों में लोगों का उत्साह देखने लायक था। हवा में उड़ते गुलाल, डीजे और रेन डांस की मस्ती के बीच बच्चे, बड़े और बुजुर्ग सभी होली के रंग में रंगे नजर आए। कई जगहों पर पारंपरिक संगीत की धुन पर लोग झूमते रहे। उत्तराखंड की मस्कबीन और ढोल की थाप पर लोगों ने खूब डांस किया। सोसायटियों में सुबह 10 बजे से दोपहर तक डीजे और रेन डांस का आयोजन हुआ। यहां लोगों ने परिवार और दोस्तों के साथ रंगों का भरपूर मजा लिया। आरडब्ल्यूए ने भी कई जगहों पर खाने-पीने का इंतजाम किया, जिसमें स्नैक्स, पकोड़े, ठंडाई और सामूहिक भोजन शामिल था। इस रंगीन पर्व ने जिले में खुशियों के साथ-साथ भाईचारे, सौहार्द और अनेकता में एकता का संदेश भी दिया।इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा, शालीमार गार्डन, कौशांबी, क्रॉसिंग रिपब्लिक, राजनगर एक्सटेंशन, राजेंद्र नगर, गोविंदपुरम, नंदग्राम, नेहरू नगर, मोहन नगर और पंचवटी जैसे जिले के ज्यादातर इलाकों में रंगों की बहार छा गई। लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और गले मिलकर होली की शुभकामनाएं दे रहे थे। कई जगहों पर देशभक्ति का माहौल भी दिखा। लोगों ने "जय हिंद", "भारत माता की जय" और "जय श्रीराम" के नारे लगाए। साहिबाबाद के श्याम पार्क एक्सटेंशन में जैन सेवक मंडल के सहयोग से होली का उत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मंडल के अध्यक्ष विपुल जैन ने बताया कि लोगों ने चंदन और गुलाल से होली खेलकर एक-दूसरे को बधाई दी।
इस बार होली पर लोगों ने सिर्फ रंगों से ही नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति प्यार और सम्मान से भी होली खेली। बच्चों ने पिचकारियों से रंग उड़ाए, तो वहीं बड़ों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर त्योहार की शुभकामनाएं दीं। डीजे की धुन पर थिरकते युवा और परिवार के साथ मस्ती करते लोग, हर तरफ खुशी का माहौल था। रेन डांस का भी लोगों ने खूब लुत्फ उठाया। ठंडी ठंडाई और गरमागरम पकौड़ों का स्वाद लेते हुए लोगों ने एक-दूसरे के साथ समय बिताया।
आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) ने भी इस मौके पर खास इंतजाम किए थे। उन्होंने स्नैक्स, पकौड़े और ठंडाई का प्रबंध किया। कई सोसायटियों में तो सामूहिक भोजन का भी आयोजन हुआ, जिससे पड़ोसियों के बीच मेलजोल और बढ़ा। इस तरह के आयोजन से न सिर्फ त्योहार का मजा दोगुना हुआ, बल्कि लोगों को एक-दूसरे से मिलने और बात करने का मौका भी मिला।
होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे से जुड़ने का भी मौका देता है। इस बार भी गाजियाबाद में यही देखने को मिला। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर पुरानी बातों को भुला दिया और नए सिरे से रिश्तों की शुरुआत की। अनेकता में एकता का संदेश इस त्योहार ने एक बार फिर साबित कर दिया। अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोग एक साथ मिलकर होली मनाते दिखे, जो हमारे देश की सबसे बड़ी खूबसूरती है।