Akhilesh Yadav Participated In Roza Iftar Leaders From Various Religions Also Present
रोज़ा इफ्तार में शरीक हुए अखिलेश
नवभारत टाइम्स•
लखनऊ में माइनॉरिटी डिवेलपमेंट फोरम ने एक इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। पूर्व उप मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस कार्यक्रम में शामिल हुए। फोरम के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद सुफियान निजामी और सचिव एडवोकेट मोहम्मद असलम नदवी ने मेहमानों का स्वागत किया। ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली सहित विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
लखनऊ में माइनॉरिटी डिवेलपमेंट फोरम ने शुक्रवार को हजरतगंज के एक होटल में रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। इस खास मौके पर पूर्व उप-मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी पहुंचे। फोरम के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद सुफियान निजामी और सचिव एडवोकेट मोहम्मद असलम नदवी ने सभी मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मिलनसार कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के प्रमुख लोग शामिल हुए, जिनमें ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, ईसाई समुदाय से फादर डॉनल्ड डिसूजा, सिख धर्म से राजेंद्र सिंह बग्गा, बहाई समुदाय से डॉ. गीता गांधी, चांसलर वसीम अख्तर, विधायक अरमान खान, यास्मीन अंसारी, अरविंद सिंह गोप, सलाहुद्दीन मिशन और राकेश वर्मा जैसे गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
यह रोजा इफ्तार पार्टी विभिन्न समुदायों के बीच एकता और सद्भाव का एक सुंदर प्रतीक थी। माइनॉरिटी डिवेलपमेंट फोरम ने सभी धर्मों के लोगों को एक साथ लाकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच आपसी समझ और भाईचारे को बढ़ावा देना था। पूर्व उप-मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और यह दर्शाया कि समाज के सभी वर्गों के लिए ऐसे आयोजन कितने महत्वपूर्ण हैं।फोरम के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद सुफियान निजामी और सचिव एडवोकेट मोहम्मद असलम नदवी ने मेहमानों के स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया कि वे इस महत्वपूर्ण अवसर पर पधारे। कार्यक्रम में शामिल होने वाले अन्य प्रमुख लोगों में ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, ईसाई समुदाय के फादर डॉनल्ड डिसूजा, सिख समुदाय के राजेंद्र सिंह बग्गा, बहाई समुदाय की डॉ. गीता गांधी, चांसलर वसीम अख्तर, विधायक अरमान खान, यास्मीन अंसारी, अरविंद सिंह गोप, सलाहुद्दीन मिशन और राकेश वर्मा शामिल थे। यह सभी लोग अपने-अपने समुदायों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और इस आयोजन में उनकी भागीदारी ने इसकी महत्ता को और बढ़ाया।