'तेज कार्रवाई से ही बनता है भरोसा, बदलती है व्यवस्था'

नवभारत टाइम्स

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जनता का भरोसा बढ़ता है। पिछले नौ वर्षों में यूपी पुलिस को इसी दिशा में तैयार किया गया है। तेज कार्रवाई, आधुनिक तकनीक और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने सुरक्षा का नया भरोसा बनाया है।

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लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस की कार्यप्रणाली में आए बड़े बदलावों पर जोर देते हुए कहा कि पुलिस की असली पहचान उसके तुरंत एक्शन से बनती है। उन्होंने कहा कि आपातकाल में जितनी जल्दी मदद पहुंचेगी, लोगों का भरोसा उतना ही मजबूत होगा और यही भरोसा बड़े बदलाव की नींव रखता है। यूपी पुलिस को इसी सोच के साथ तैयार किया गया है, जिसका असर पिछले नौ सालों में ज़मीन पर साफ दिख रहा है।

लोकभवन में 50 नए क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) वाहनों को हरी झंडी दिखाते हुए सीएम योगी ने बताया कि तेज कार्रवाई , आधुनिक तकनीक और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने उत्तर प्रदेश में सुरक्षा का एक नया भरोसा पैदा किया है। इसी वजह से बड़े निवेशक राज्य में आने को तैयार हैं, व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और बेटियां आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश में अब तक 2,19,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती हो चुकी है। इसके अलावा, एसएसएफ (स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स), एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) और पीएसी (प्रोविंशियल आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी) की महिला बटालियन जैसी नई यूनिट्स सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत बना रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस के रेस्पॉन्स टाइम (प्रतिक्रिया समय) को कम करने के लिए वाहनों की संख्या में भारी बढ़ोतरी की गई है। 2017 में यूपी पुलिस के पास जहां 9,500 पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) वाहन थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 15,500 से ज्यादा हो गई है। इसी तरह, टू-व्हीलर (दो पहिया वाहन) की संख्या भी 3,000 से बढ़कर 9,200 से अधिक हो गई है। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ संख्या बढ़ाने का खेल नहीं है, बल्कि तेज पुलिसिंग की एक बहुत बड़ी जरूरत थी। इस विस्तार से अब पुलिस घटनास्थल तक बहुत कम समय में पहुंच पाती है।

अपराधों की जांच में फरेंसिक सिस्टम को भी काफी मजबूत किया गया है। नए आपराधिक कानूनों के तहत, सात साल से ज्यादा की सजा वाले मामलों में फरेंसिक सबूत (साक्ष्य) देना अनिवार्य कर दिया गया है। सीएम ने बताया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल दो फरेंसिक लैब थीं, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। हर जिले में दो मोबाइल फरेंसिक यूनिट तैनात की गई हैं, ताकि घटनास्थल से ही सटीक सबूत जुटाए जा सकें। इसके अलावा, विश्वस्तरीय स्टेट फरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना हो चुकी है और ए-ग्रेड की और भी लैबों का निर्माण कार्य जारी है।

इस कार्यक्रम में मुख्य सचिव एसपी गोयल, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, एडीजी राम कुमार, एडीजी अमिताभ यश और होंडा इंडिया फाउंडेशन के वाइस प्रेसिडेंट पीयूष मित्तल भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होंडा इंडिया फाउंडेशन की सराहना की, जिन्होंने सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) फंड के तहत दो पहिया वाहन उपलब्ध कराए हैं। सीएम ने कहा कि यह पहल प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण मदद करेगी। उन्होंने इस सहयोग के लिए होंडा इंडिया फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया।