Up Police Recruitment Discussion On Question Papers On Social Media Now A Serious Crime Strict Action Will Be Taken
सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्रों पर चर्चा-विश्लेषण अपराध
नवभारत टाइम्स•
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों पर सोशल मीडिया पर चर्चा को गंभीर अपराध बताया है। प्रश्नपत्र, उत्तर कुंजी या किसी भी सामग्री को साझा करना उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत अनुचित साधन माना जाएगा। इसके तहत भारी जुर्माना और तीन वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने साफ कर दिया है कि परीक्षाओं से जुड़ी किसी भी सामग्री, जैसे प्रश्नपत्र, उत्तर कुंजी या अन्य परीक्षा सामग्री पर ऑनलाइन चर्चा, विश्लेषण, स्क्रीनशॉट या पीडीएफ साझा करना एक गंभीर अपराध है। बोर्ड ने कंटेंट क्रिएटर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, यूट्यूबर, टेलीग्राम/वॉट्सऐप चैनल चलाने वालों, कोचिंग संस्थानों, डिजिटल एजेंसियों और यहां तक कि अभ्यर्थियों को भी चेतावनी दी है। ऐसा कोई भी काम उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत 'अनुचित साधन' माना जाएगा। इसके तहत गैर-जमानती धाराएं लग सकती हैं, जिसमें भारी जुर्माना और लंबी सजा का प्रावधान है। कुछ मामलों में तो तीन साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
बोर्ड को पता चला है कि कुछ लोग अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रश्नपत्र या उससे जुड़ी सामग्री को लेकर पोस्ट, वीडियो, लाइव चर्चा और शेयरिंग कर रहे हैं। यह पूरी तरह से मना है। अपर सचिव एवं परीक्षा नियंत्रक सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने सभी अभ्यर्थियों और सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वालों से परीक्षा की गोपनीयता और पवित्रता बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि ऐसी प्रतिबंधित सामग्री बनाने या फैलाने से बचें, वरना सख्त कार्रवाई होगी। अगर कोई अभ्यर्थी प्रश्नपत्र या सामग्री पर चर्चा करता है या उसे फैलाता है, तो धारा 4 के तहत उसका परिणाम रोका जा सकता है। उसे एक साल तक परीक्षा देने से रोका जा सकता है और तीन साल तक की सजा भी हो सकती है।परीक्षा से जुड़े किसी कर्मचारी ने अगर गोपनीय जानकारी लीक की, तो उसे कम से कम दो साल से लेकर 10 साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही, उस पर दो से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। अगर कोई कंपनी, कोचिंग संस्थान या एजेंसी इस नियम का उल्लंघन करती है, तो उसके जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड का कहना है कि यह कदम परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिले और किसी भी तरह की धांधली न हो।
यह नया कानून, उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024, परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों को रोकने के लिए बनाया गया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि केवल योग्य अभ्यर्थी ही सरकारी नौकरियों में आएं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले में किसी भी तरह की ढील नहीं बरतेंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए, सभी से अनुरोध है कि वे इन नियमों का पालन करें और परीक्षा की गरिमा बनाए रखें।