बैंक अधिकारी बनकर साइबर ठग ने उड़ाए 3.08 लाख रुपये

नवभारत टाइम्स

साइबर ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर मतीन अहमद से 3.08 लाख रुपये ठग लिए। उन्होंने केवाईसी अपडेट के नाम पर ऐप डाउनलोड कराया और जानकारी लेकर पैसे निकाल लिए। इसी तरह पुलिस बनकर अनुज गुप्ता से 96 हजार रुपये ठगे गए। ग्रीन गैस बिल अपडेट के नाम पर प्रोफेसर रामचंद्रा से 3.73 लाख रुपये की ठगी हुई।

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बिजनौर और लखनऊ में साइबर ठगों ने तीन लोगों से कुल 5.07 लाख रुपये की ठगी की है। बिजनौर में एक व्यक्ति से बैंक अधिकारी बनकर 3.08 लाख रुपये, आलमबाग में एक युवक से पुलिस अधिकारी बनकर 96 हजार रुपये और लखनऊ में एक प्रोफेसर से ग्रीन गैस का बिल अपडेट करने के नाम पर 3.73 लाख रुपये ठगे गए हैं। इन सभी मामलों में ठगों ने केवाईसी अपडेट, झूठे केस में फंसाने की धमकी और बिल अपडेट करने के बहाने ऐप डाउनलोड कराकर या क्यूआर कोड भेजकर लोगों की बैंक जानकारी हासिल की और फिर उनके खातों से पैसे निकाल लिए। पीड़ित लोगों ने साइबर हेल्पलाइन और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बिजनौर के पटवारी मोहल्ला निवासी मतीन अहमद के साथ यह ठगी 14 मार्च 2026 को हुई। ठगों ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर मतीन अहमद को फोन किया। उन्होंने केवाईसी अपडेट करने के नाम पर एक वॉट्सऐप लिंक भेजा। इस लिंक से ऐप डाउनलोड करने के बाद ठगों ने मतीन अहमद से उनके आधार, बैंक खाता और डेबिट कार्ड की जानकारी ले ली। कुछ ही देर में, चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन में उनके खाते से 3.08 लाख रुपये निकाल लिए गए। बाद में पैसे वापस दिलाने का झांसा देकर ठग गायब हो गए।
इसी तरह, आलमबाग के कृष्णा नगर थानाक्षेत्र में साइबर ठगों ने एक युवक को अपना शिकार बनाया। सेक्टर सी-1 निवासी अनुज गुप्ता को कॉल करके ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया। उन्होंने अनुज गुप्ता को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद, उन्होंने वॉट्सऐप पर एक क्यूआर कोड भेजा और अनुज गुप्ता से उस पर पैसे ट्रांसफर करवा लिए। इस तरह ठगों ने अनुज गुप्ता से 96 हजार रुपये ठग लिए।

लखनऊ में बीबीयू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रामचंद्रा भी साइबर ठगी का शिकार हुए। उन्हें 8 मार्च को एक कॉल आया, जिसमें ठगों ने खुद को ग्रीन गैस कंपनी का अधिकारी बताया। उन्होंने प्रोफेसर से उनका गैस बिल अपडेट करने के नाम पर एक नया ऐप डाउनलोड करने को कहा। ऐप डाउनलोड करने के बाद ठगों ने प्रोफेसर की बैंक की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद, 15 से 18 मार्च के बीच उनके खाते से 3.73 लाख रुपये निकाल लिए गए।

इन सभी मामलों में, ठगों ने लोगों को डराकर या लालच देकर उनकी निजी और बैंक से जुड़ी जानकारी हासिल की। फिर उस जानकारी का इस्तेमाल करके उनके खातों से पैसे उड़ा दिए। पीड़ितों ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन और संबंधित थानों में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने सभी मामलों में केस दर्ज कर लिया है और ठगों की तलाश में जांच शुरू कर दी है। साइबर ठगी के ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने या किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी बैंक जानकारी न देने की सलाह दी जाती है।