'हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम, जिले में स्टेडियम, मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज'

नवभारत टाइम्स

उत्तर प्रदेश सरकार खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम और हर जिले में स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। मंडलों में स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित होंगे। वाराणसी और गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बन रहे हैं। सरकार 2030 राष्ट्रमंडल और 2036 ओलंपिक के लिए युवाओं को तैयार कर रही है।

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टाइम्स ऑफ इंडिया स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स (TOISA) के 10वें संस्करण में कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि हर ग्राम पंचायत में खेल का मैदान, हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम और हर जिले में स्टेडियम बनाया जा रहा है। वाराणसी में बीसीसीआई का अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बन चुका है और गोरखपुर में भी ऐसा ही स्टेडियम तैयार हो रहा है। साथ ही, मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सिलेंस खोले जाएंगे। इन जगहों पर दिग्गज खिलाड़ी और अनुभवी कोच स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए ट्रेनिंग देंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के बड़े खिलाड़ियों की मौजूदगी उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। राज्य सरकार 2030 राष्ट्रमंडल खेल और 2036 ओलंपिक के लिए युवाओं को तैयार कर रही है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि आपकी मौजूदगी से युवाओं में खेल के प्रति उत्साह बढ़ेगा और वे चुनौतियों को अवसरों में बदल पाएंगे।
खिलाड़ियों को सम्मान और नौकरी की सुरक्षा देने के लिए सरकार ने खेल नीति में बदलाव किया है। अब खिलाड़ियों को राज्य में सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं, ताकि वे बिना किसी चिंता के अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें। मुख्यमंत्री ने बताया कि 500 से अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को विभिन्न सरकारी पदों पर नौकरी दी गई है। इनमें से कई खिलाड़ी अब वरिष्ठ अधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने पैरालिंपिक पदक विजेताओं जैसे कई खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 11-12 सालों में खेलों के लिए जरूरी सुविधाओं में काफी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने यूपी के खेल सचिव और पैरालंपिक खिलाड़ी सुहास एल वाई की भी तारीफ की। सुहास एल वाई को अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने के बाद यूपी पुलिस में डिप्टी एसपी बनाया गया है। हॉकी खिलाड़ी राजकुमार पाल को भी अंतरराष्ट्रीय पदक के बाद यूपी पुलिस में डिप्टी एसपी नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम खिलाड़ियों का सम्मान करते हैं और युवाओं को प्रेरित करते हैं। इस कार्यक्रम में खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी.टी. उषा के साथ-साथ कई बड़े खिलाड़ी भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने TOISA के मंच से कहा कि खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं को आगे बढ़ने का एक जरिया है। उन्होंने बताया कि सरकार की कोशिश है कि हर गांव, हर ब्लॉक और हर जिले में खेल की सुविधाएं हों। इससे छोटे शहरों और गांवों के युवा भी अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे। वाराणसी में बन रहा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और गोरखपुर में बन रहा स्टेडियम, ये सब खेल को बढ़ावा देने की दिशा में बड़े कदम हैं। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की स्थापना तो खिलाड़ियों के लिए एक सपने के सच होने जैसा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश के हर मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सिलेंस हों। इन जगहों पर देश के बेहतरीन कोच और खिलाड़ी आकर युवाओं को ट्रेनिंग देंगे। इससे हमारे युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि 2030 राष्ट्रमंडल खेल और 2036 ओलंपिक के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, "आपकी मौजूदगी उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत है। आपकी मेहनत और लगन देखकर युवा भी खेलों में अपना भविष्य बनाने के लिए प्रेरित होंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि सरकार खिलाड़ियों को नौकरी देकर उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है। इससे खिलाड़ी बिना किसी चिंता के अपने खेल पर ध्यान दे सकते हैं। 500 से ज्यादा खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिलना इस बात का सबूत है कि सरकार खिलाड़ियों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने सुहास एल वाई और राजकुमार पाल जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि खेल में सफलता पाने वाले खिलाड़ियों को सरकार सम्मानित कर रही है और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर दे रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को पहचान दिलाते हैं और समाज में खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं। खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव और पी.टी. उषा जैसे दिग्गजों की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। यह कार्यक्रम खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा मंच साबित हुआ, जहां उन्हें सम्मान मिला और युवाओं को प्रेरणा मिली।