Yogi Governments Big Decision Cctv To Be Installed At Cow Shelters Those Doing Better Work Will Be Honored
गो-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी, बेहतर काम पर दें सम्मान: योगी
नवभारत टाइम्स•
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी गो-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। बेहतर काम करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। हर गोशाला में भूसा बैंक बनेगा और किसानों से समन्वय कर हरा चारा उपलब्ध कराया जाएगा। पशु स्वास्थ्य के लिए टीकाकरण अभियान जारी हैं। पदाधिकारी मंडलवार गो-आश्रय स्थलों का निरीक्षण करेंगे।
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सभी गो-आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस काम के लिए सीएसआर फंड का इस्तेमाल किया जाए। साथ ही, गो-रक्षा और गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने में अच्छा काम करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गोसेवा आयोग की बैठक में यह भी कहा कि हर गोशाला में 'भूसा बैंक' बनाया जाए और स्थानीय किसानों से मिलकर हरे चारे की व्यवस्था की जाए। उन्होंने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को गो-आश्रय स्थलों से जोड़ने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोसेवा आयोग के पदाधिकारियों और पशुधन विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे नियमित रूप से गो-आश्रय स्थलों का दौरा करें। उन्होंने कहा कि 2-2 के समूह में मंडलवार जाकर 'भूसा बैंक' की स्थापना और गोचर भूमि को बढ़ाने के काम में तेजी लाएं। हर दौरे की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी। इस निरीक्षण में वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे। इसके अलावा, विभागीय मंत्री के नेतृत्व में पूरे राज्य में और मुख्यालय स्तर से निदेशक के स्तर पर हर महीने निरीक्षण किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि गो-संरक्षण सिर्फ आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती और सतत विकास का एक मजबूत आधार है। इसलिए, गो-आश्रय स्थलों के संचालन में पारदर्शिता, तकनीक और लोगों की भागीदारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रणाली से समय पर भुगतान हो और हर गो-आश्रय स्थल पर गोवंश की रोज की गिनती का एक रजिस्टर बनाना जरूरी है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 630 बड़े गो-संरक्षण केंद्र बनाए जाने थे, जिनमें से 518 पूरे हो चुके हैं और बाकी निर्माणाधीन हैं। पशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए खुरपका-मुंहपका, गलाघोटू और लंपी स्किन डिजीज जैसी बीमारियों से बचाव के लिए बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाए जा रहे हैं। पशुपालकों को लगातार ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि गोसेवा भारतीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा है। इस क्षेत्र में जो लोग समर्पित होकर काम कर रहे हैं, उन्हें सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने से समाज को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि गो-आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने से पारदर्शिता बढ़ेगी और व्यवस्थाओं की निगरानी आसान होगी। सीएसआर फंड का उपयोग इस दिशा में एक अच्छा कदम होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'भूसा बैंक' और हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है। प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को जोड़ने से गोवंश के लिए पौष्टिक आहार मिलेगा और प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। यह एक ऐसा कदम है जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और सतत विकास को गति देगा।