परिवार के मुखिया की भी मौत, सवालों के घेरे में आत्महत्या!

नवभारत टाइम्स

बंथरा के नीवां गांव में एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत ने सनसनी फैला दी है। पहले मां और बेटे की जहर खाने से मौत हुई, फिर पिता ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस के लिए यह एक बड़ा रहस्य बन गया है कि जहर कहां से आया और किसने दिया। घटनास्थल पर कोई सुराग नहीं मिला है।

परिवार के मुखिया की भी मौत, सवालों के घेरे में आत्महत्या!
बंथरा के नीवां गांव में एक परिवार के तीन सदस्यों, मां तारावती (52), बेटे संदीप (30) और पिता रूपनारायण (55) की जहर खाने से मौत हो गई। शुक्रवार को मां और बेटे की मौत हुई, जबकि रविवार शाम को पिता ने भी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस के लिए यह मामला कई सवाल खड़े कर रहा है, खासकर जहर कहां से आया और किस तरह इसका सेवन किया गया। घटनास्थल पर जहर का कोई निशान नहीं मिला, जिससे यह शक गहरा गया है कि जहर खाने या पीने की किसी चीज में मिलाया गया होगा।

मृतक संदीप की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा है, "हम लोग आत्महत्या कर रहे हैं, इसके लिए परिवार का कोई दोष नहीं है।" हालांकि, पुलिस इस नोट की लिखावट पर भी शक कर रही है। यह पता लगाने के लिए कि यह नोट संदीप ने ही लिखा था या किसी और ने, पुलिस हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की मदद लेगी। पुलिस ने घर से मिले खाने को भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मां और बेटे की मौत जहर से होने की पुष्टि हो चुकी है। उनके विसरा (शरीर के अंदरूनी अंग) को केमिकल जांच के लिए भेजा गया है ताकि जहर की पहचान की जा सके। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह कोई सुनियोजित हत्या थी या कोई और वजह थी। परिवार के किसी सदस्य या बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

यह घटना नीवां गांव में सनसनी फैलाए हुए है। लोग इस बात से हैरान हैं कि आखिर इस परिवार ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है ताकि इस रहस्यमयी मौत का सच सामने आ सके। जहर कहां से आया, यह सबसे बड़ा सवाल है क्योंकि मौके पर कोई खाली शीशी या रैपर नहीं मिला। इससे यह अंदेशा है कि जहर किसी खाने-पीने की चीज में मिलाकर दिया गया होगा। पुलिस इस मामले में हर संभव सुराग की तलाश कर रही है।