Uncle Pushes Niece Into Gomti River After She Resists Rape Arrested
रेप का विरोध करने पर मौसा ने गोमती में दे दिया था धक्का
नवभारत टाइम्स•
लखनऊ में एक मौसा ने अपनी 17 वर्षीय किशोरी भांजी के साथ दुष्कर्म किया। किशोरी द्वारा विरोध करने और परिजनों से शिकायत करने की बात कहने पर मौसा ने उसे गोमती नदी में धक्का देकर मार डाला। पुलिस ने आरोपी मौसा को गिरफ्तार कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की झूठी कहानी का खुलासा हुआ।
लखनऊ में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक मौसा ने अपनी ही किशोरी भांजी के साथ रेप किया और विरोध करने पर उसे गोमती नदी में धक्का देकर मार डाला। मड़ियांव पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में आरोपी मौसा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने शुरू में अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी, लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने उसकी पोल खोल दी। इस मामले में रेप और पॉक्सो (बच्चों से यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम) की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
यह घटना मड़ियांव के दाऊद नगर की है, जहाँ 17 वर्षीय किशोरी अपने ननिहाल में रह रही थी। उसके माता-पिता का निधन हो चुका था, इसलिए वह अपने मामा-मामी, भाई और मौसी-मौसा के साथ रहती थी। 18 मार्च की रात, किशोरी अपने मौसा के साथ बाइक पर दवा लेने निकली थी। घर से करीब 45 मिनट बाद, मौसा ने किशोरी के भाई को फोन करके बताया कि वे पीपे वाले पुल के पास हैं। उसने एक मनगढ़ंत कहानी सुनाई कि 60 फिटा रोड पर कुछ कार सवार लोगों ने उनसे बदसलूकी की और वे बचने के लिए पीपा पुल की ओर भागे। उसने यह भी कहा कि कार सवार वहाँ भी पहुँच गए और बाबा बर्फानी मंदिर के पास किशोरी का अपहरण कर लिया।जब परिवारीजन पीपे वाले पुल पर पहुँचे, तो मौसा नशे में धुत मिला। किशोरी की तलाश में जुटे परिवार वालों को झाड़ियों में उसके कपड़े और चप्पल मिले। करीब 12 घंटे की मशक्कत के बाद, एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम ने गोमती नदी से किशोरी का अर्धनग्न शव बरामद किया।
मड़ियांव के इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा ने बताया कि किशोरी के भाई ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इंस्पेक्टर के अनुसार, आरोपी मौसा ने किशोरी के साथ पीपा वाले पुल के पास रेप किया था। जब किशोरी ने विरोध किया और परिवारीजनों से शिकायत करने की बात कही, तो आरोपी ने गुस्से में उसे गोमती नदी में धक्का देकर मार डाला।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी मौसा की किशोरी पर बहुत पहले से बुरी नज़र थी। वह पहले भी कई बार उसके साथ गलत हरकतें कर चुका था। पीड़िता की शिकायत पर घरवालों ने आरोपी को चेतावनी दी थी और उसे सुधरने की नसीहत भी दी थी। आरोपी, जो पोताई का काम करता था, के पास से पुलिस ने किशोरी की टूटी हुई माला भी बरामद की है।
आरोपी की कहानी झूठी साबित हो गई जब सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कोई कार नजर नहीं आई, जिससे अपहरण की उसकी कहानी पूरी तरह से बेबुनियाद साबित हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है। यह घटना समाज को झकझोर देने वाली है और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।