सोसायटियों में प्रीपेड मीटर से मेंटिनेंस वसूली पर बढ़ा विवाद

नवभारतटाइम्स.कॉम

ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सोसायटियों में प्रीपेड मीटर से मेंटिनेंस वसूली का विवाद बढ़ रहा है। निवासी बिल्डरों और एओए की मनमानी से परेशान हैं। नियमों के बावजूद बिजली, पानी और मेंटिनेंस का शुल्क एक ही प्रीपेड मीटर से वसूला जा रहा है। पीवीवीएनएल के निर्देशों के बाद भी बिल्डर और एओए मनमानी कर रहे हैं।

dispute over maintenance recovery from prepaid meters in societies questions raised on builder aoa arbitrariness

n NBT न्यूज, ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई हाउसिंग सोसायटियों में प्रीपेड मीटर के जरिए मेंटिनेंस शुल्क वसूले जाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। निवासी बिल्डरों और अपार्टमेंट ओनर्स असोसिएशन (एओए ) की मनमानी से परेशान हैं और व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि नियमों के बावजूद बिजली, पानी और मेंटिनेंस का शुल्क एक ही प्रीपेड मीटर से वसूला जा रहा है। हाल ही में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) ने एओए और बिल्डर प्रबंधन को प्रीपेड मीटर से मेंटिनेंस चार्ज न लेने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद बिल्डरों और एओए मनमानी कर रहे हैं। ऐसे में लोगों का सवाल है कि जब नियमानुसार प्रीपेड मीटर से मेंटिनेंस शुल्क नहीं काटा जा सकता तो इनके खिलाफ एक्शन क्यों नहीं हो रहा?

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की रॉयल नेस्ट सोसायटी के निवासी दीपक शर्मा का कहना है कि बिजली बिल पर 2.50 रुपये प्रति यूनिट के साथ 18 फीसदी जीएसटी लिया जा रहा है, जो गलत है। उनका आरोप है कि एक ही मीटर से बिजली, पानी और मेंटिनेंस तीनों का शुल्क वसूला जा रहा है। वहीं, सूरजपुर साइट-सी स्थित शिवालिक होम्स सोसायटी के निवासी हिमांशु शेखर ने बताया कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (यूपीईआरसी) ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रीपेड मीटर से मेंटिनेंस शुल्क नहीं लिया जा सकता। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन जारी है। ऐश्वर्यम सोसायटी के निवासी दीपक गुप्ता ने कहा कि कई बार शिकायतों के बावजूद केवल नोटिस जारी कर खानापूर्ति की जा रही है और यूपीईआरसी की गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा।

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