n NBT न्यूज, ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की फ्रेंच अपार्टमेंट सोसायटी में 1088 फ्लैट और 30 दुकानों के पानी का कनेक्शन काटने के विवाद में अपार्टमेंट ओनर्स असोसिएशन ( एओए ) ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के वरिष्ठ प्रबंधक (जल) को एओए के प्रार्थना पत्र पर आठ सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति कुनाल रवि सिंह की खंडपीठ ने दिया।
एओए अध्यक्ष प्रशांत कुमार सिंह के मुताबिक, सोसायटी में करीब 1100 फ्लैट हैं, जिनमें 900 से अधिक परिवार रह रहे हैं। एओए वर्ष 2022 में रजिस्टर्ड हुई थी और 27 सितंबर 2024 को हाईकोर्ट के निर्देश पर सोसायटी का कब्जा एओए को सौंपा गया था। एओए का आरोप है कि बिल्डर प्रबंधन के कार्यकाल में करीब 80 लाख रुपये का पानी का बिल जमा नहीं कराया गया, जबकि निवासियों से नियमित रूप से वसूली की जाती रही। इसके बाद ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने करीब 88 लाख रुपये बकाया बताते हुए अंतिम नोटिस जारी कर दिया। याचिका में कहा गया कि यदि बिल्डर बकाया राशि जमा नहीं करता और अथॉरिटी जल कनेक्शन काट देती है, तो हजारों निवासियों के सामने पेयजल संकट खड़ा हो जाएगा। एओए ने कोर्ट को बताया कि वह कब्जा मिलने की तारीख से जल बिल जमा करने को तैयार है और इस संबंध में 30 जनवरी 2026 को अथॉरिटी को प्रार्थना पत्र भी दिया गया था। साथ ही बिल्डर से आईएफएमएस राशि दिलाने की मांग भी की गई थी, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।


