जींद में 147 गांवों के सेक्स रेश्यो में बंपर गिरावट, सरपंचों को नोटिस

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जींद जिले में लिंगानुपात में भारी गिरावट आई है। अप्रैल 2026 में यह 1000 लड़कों पर 872 लड़कियों के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। छह गांवों में एक भी बेटी का जन्म नहीं हुआ। 147 गांवों का लिंगानुपात 900 से कम होने पर सरपंचों को नोटिस जारी किए गए हैं।

जींद में 147 गांवों के सेक्स रेश्यो में बंपर गिरावट, सरपंचों को नोटिस

NBT न्यूज, जींद

स्वास्थ्य विभाग ने जींद के 147 गांवों के सरपंचों को सेक्स रेश्यो में बंपर गिरावट पर नोटिस दिया गया है। जींद के छह गांवों में अप्रैल में किसी बेटी का जन्म नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने रविवार को बताया कि अप्रैल 2026 में हरियाणा प्रदेश का लिंगानुपात 898 रहा, वहीं जींद जिले में 872 पर आ गया है। जींद 2022 से 2023 तक लिंगानुपात के मामले में पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर था। 2023 में जींद का लिंगानुपात 986 था, जो तत्कालीन राज्य के औसत (916) से कहीं आगे था। लेकिन इसके बाद से ही ग्राफ लगातार गिरता गया। अब अप्रैल 2026 में यह 1000 लड़कों के मुकाबले 872 लड़कियों के जन्म के खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के छह गांव, रामपुरा, कारखाना, रामराये खेड़ा, खेड़ी जाजवान, तेली खेड़ा व रजाना खुर्द में अप्रैल महीने में एक भी लड़की ने जन्म नहीं लिया। इन छह गांवों में रामपुरा में चार, कारखाना में एक, रामराय खेड़ा में एक, खेड़ी जाजवान में एक, तेली खेड़ा में दो व रजाना खुर्द में एक लड़के ने जन्म लिया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 147 गांवों का लिंगानुपात 900 से कम आने पर सरपंचों समेत प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को नोटिस जारी किए हैं। 35 गांवों में बेटों के मुकाबले बेटियां आधी से भी कम जिले के 35 गांव ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जिनका लिंगानुपात 500 से भी कम है। इनमें बागडू खुर्द गांव में नौ लड़कों के मुकाबले एक लड़की ने जन्म लिया। 306 गांवों में से 147 ों का लिंगानुपात 900 से कम है।